प्लेटफाॅर्म के टूटे शेड से टपकता है बारिश का पानी
Updated at : 26 Aug 2017 5:59 AM (IST)
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मजबूरी में धूप व बारिश झेलते हैं यात्री करीब दस हजार यात्रियों का हर दिन होता है आवागमन डुमरांव : डुमरांव रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की काफी कमी है. बारिश के दौरान स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर लगे यात्री शेड़ों से पानी टपकता है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को सिर छुपाने के लिए इधर-उधर भागना […]
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मजबूरी में धूप व बारिश झेलते हैं यात्री
करीब दस हजार यात्रियों का हर दिन होता है आवागमन
डुमरांव : डुमरांव रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की काफी कमी है. बारिश के दौरान स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर लगे यात्री शेड़ों से पानी टपकता है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को सिर छुपाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है़ टूटे शेड की मरम्मत के लिए कई बार गुहार लगायी गयी, लेकिन विभाग मौन है. दैनिक रेल यात्री विनोद सिंह, रामकवल, मदन कुमार, रमेश केसरी, सुबोध चौरसिया आदि ने बताया कि एक तो ओवरब्रीज पर शेड नहीं है ऊपर से बारिश में टिकट लेकर प्लेटफाॅर्म पर जाने के दौरान भीगना पड़ता है.
आठ करोड़ सालाना है आमदनी
दानापुर डिवीजन का डुमरांव स्टेशन बी ग्रेड के श्रेणी में शामिल है. बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन से इस स्टेशन को सालाना करीब आठ करोड़ की राशि प्राप्त होती है. रेल यात्रियों की मानें, तो इस स्टेशन के प्रति रेल विभाग उदासीन बना है. विभाग यात्रियों की सुविधा को लेकर नजर अंदाज करता है. सुविधा के नाम पर केवल तीन बड़ा व चार छोटा यात्री शेड बनाये गये हैं. शेडो की बनावट ऐसी है कि ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्रियों को धूप व बारिश के थपेडों को सहना पड़ता है.
सात प्रखंडों के यात्री यहां आते हैं
इस स्टेशन से दूरदराज से पहुंचे ग्रामीण रेल यात्रा करते हैं. अनुमंडल मुख्यालय से लेकर केसठ, नावानगर, सोनवर्षा, ब्रह्मपुर, चक्की, चौगाईं के अलावे सिमरी के दियारे इलाके से लोग यहां ट्रेन पकड़ने आते हैं. यात्री कल्याण समिति अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह कहते हैं कि ट्रेनों की सुविधा व यात्री सुविधा की मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन विभाग केवल आश्वासन देता है. जबकि शेड की मरम्मत की मांग को लेकर माॅनसून के पूर्व ही विभाग को अवगत कराया था. इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक सचिंद्र कुमार ने कहा कि यात्रियों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए आइओडब्लू को लिखित आवेदन देकर शेड मरम्मत की अनुशंसा की गयी है.
आंकड़े (प्रतिदिन)
10 हजार यात्रियों की संख्या
32 ट्रेनों का ठहराव
तीन हजार वाहनों का आवागमन
दो हजार हैं दैनिक यात्री
एक ओवरब्रिज है
चापाकलों की संख्या तीन
सात छोटे-बड़े यात्री शेड हैं
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