बिहार : 50 की उम्र में रिटायरमेंट, एक शिक्षक ने लिखी कविता, सोशल मीडिया में वायरल

पटना : बिहार में शिक्षकों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गयी है. स्कूलों में खराब रिजल्ट होने पर शिक्षकों को जबरन रिटायर कराए जाने की बात कही जा रही है. इसे लेकर शिक्षक संगठन और शिक्षकों में काफी आक्रोश है. इसी कड़ी में शिक्षकों की समस्या को लेकर बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड […]
पटना : बिहार में शिक्षकों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गयी है. स्कूलों में खराब रिजल्ट होने पर शिक्षकों को जबरन रिटायर कराए जाने की बात कही जा रही है. इसे लेकर शिक्षक संगठन और शिक्षकों में काफी आक्रोश है. इसी कड़ी में शिक्षकों की समस्या को लेकर बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड के मध्य विद्यालय के शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा ने एक कविता लिखी है. यह कविता सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है. शिक्षक समुदाय से लेकर आम लोग इसे काफी चाव से पढ़ रहे हैं और शेयर कर रहे हैं. कविता में उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए, ऐसा न करने की सलाह दी है. उन्होंने कविता के जरिये. उन्होंने लिखा है कि ऐसा निर्णय बिल्कुल उचित नहीं है. कविता के अनुसार समय से पहले शिक्षकों को घर बैठा देना ठीक नहीं है. उन्होंने नियोजित शिक्षकों के संघर्ष का जिक्र करते हुए सेवा शर्त बनाने में 14 साल लगे समय का भी जिक्र किया है. नीचे पढ़ें पूर्णानंद की वह कविता जो वायरल हो रही है-
ऐसा निर्णय उचित नहीं है,
मेरे प्यारे वर्मा जी,
सेवा काल से पहले ही शिक्षक को
बैठा दिजियेगा घर में जी.
अनुभव की है बहुत जरूरत,
आज कल विद्यालय में
पैंसठ सालों का नेता कैसै
बना रहे सचिवालय में??
चौदह साल गंवा बैठा जो
सेवा शर्त बनाने में,
तत्पर हो गया जन्म लेते ही
शिक्षक को हटाने में!!
पहले हमको सूद चाहिए
अपने चौदह सालों का,
फिर फरमान सुनेंगे हम सब
सत्ता की गंदी चालों का!
भूल गये क्यू पटना की धरती पर
कितना भीषण संघर्ष हुआ,
जरा पलट के नजर देखिए
चौधरी जी का क्या हश्र हुआ?
मिली है कुरसी शिक्षा की तो
शिक्षक का सम्मान करें,
भूल पुरानी दोहराकर मत
गुरुवर का अपमान करें!!
वरना पूर्णानंद घनानंद
का इतिहास पढ़ायेगा
चाणक्य के ताकत का फिर से
सबको एहसास करायेगा.
-पुर्णानंद मिश्रा
पुर्णानंद मिश्रा मध्य विद्यालय कोरान सराय के काफी संवेदनशील और गंभीर शिक्षक हैं. शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार प्रयासरत हैं. वह शिक्षकों को अपने कर्तव्य को सही तरीके से अंजाम देने के पक्षधर भी रहते हैं. उनकी इस कविता को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है. ज्ञात हो कि गुरुवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और संबंधित जिले के शिक्षा पदाधिकारियों को जबरन रिटायर किया जायेगा. समीक्षात्मक बैठक में इन पर कार्रवाई करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुहर लगा दी. मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में आयोजित समीक्षा बैठक में पांच प्रतिशत से भी कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों व शिक्षा पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी. इनमें 50 साल से जिनकी उम्र ज्यादा हो चुकी होगी, उन्हें जहां जबरन सेवानिवृत्त कर दिया जायेगा. वहीं 50 साल से कम उम्र वाले शिक्षकों को चेतावनी देकर या फिर वेतन वृद्धि रोक कर छोड़ा जा सकता है. साथ ही दक्षता परीक्षा में तीन बार फेल हो चुके नियोजित शिक्षकों को भी हटाया जायेगा.
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