बक्सर शहर में घुसा बाढ़ का पानी
Updated at : 15 Jul 2017 12:17 PM (IST)
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बक्सर : गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि से शहर के पश्चिमी इलाके के कई मोहल्ले जलमग्न हो गये हैं. शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे इन क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. […]
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बक्सर : गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि से शहर के पश्चिमी इलाके के कई मोहल्ले जलमग्न हो गये हैं. शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे इन क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के गोपालनगर, मलह चकिया व सदर अस्पताल इलाके में करीब 50 से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे इन इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. थोड़ी सी बरसात में ही नालियां ओवर फ्लो हो रही हैं. जनता परेशान है. शहर की निचली बस्तियां टापू बन गयी है. लोगों के घरों में पानी घुस रहा है. इसके बावजूद नगर पर्षद प्रशासन जलजमाव की समस्या से निबटने के लिए कोई कारगर कदम उठाने के बजाये बैकफुट पर नजर आ रहा है. इससे साफ है कि नप प्रशासन को खुद जलजमाव की चिंता नहीं है. दरअसल, शहर में जलनिकासी की व्यवस्था बेहद खराब है. आलम यह है कि पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में जलजमाव की समस्या देखने को मिल रही है.
निकल रहे विषैले जीव-जंतु : सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, बाजार आदि का भी बुरा हाल है. इसके बावजूद नगर पर्षद प्रशासन की ओर से जलनिकासी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं. पिछले दिनों नगर पर्षद की बोर्ड में पार्षदों ने बैठक कर बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां की थीं, लेकिन नप अधिकारियों ने इस तरफ कोई खास ध्यान नहीं दिया है. अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. जलजमाव से विषैले जीव जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है. वहीं, घरों से बाहर निकलने में लोग कतराने लगे हैं.
बड़े नालों की उड़ाही नहीं, नालियों की सफाई नहीं : शहर के अधिकांश वार्डों में नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं करायी जा रही है. नगर पर्षद की पिछली सरकार ने बरसात के पूर्व बड़े नालों के उड़ाही की योजना पर ध्यान नहीं दिया. नयी सरकार बनने के बाद नालों के उड़ाही की कवायद शुरू तो हुई, लेकिन सफलता आशातीत नहीं मिली. कई मोहल्लों के मुख्य नालों में गाद भरा पड़ा हुआ है. इसकी वजह से बारिश के पानी की निकासी में समस्या आ रही है.
बिजली के नंगे तार से भी जान को खतरा : एक तो बारिश में इन मोहल्लों के जलमग्न हो जाने से रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोग तरस रहे हैं. ऊपर से आसपास से बिजली के नंगे तार भी गुजरे हैं, जो हादसे को न्योता देने के समान हैं. खुले में झूल रहे बिजली के नंगे तार में करेंट है.
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