बंटी यादव हत्याकांड: मुख्य आरोपी के एनकाउंटर पर SSP बोले- नेपाल भागने की फिराक में था रवीश, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

कार्तिकेय शर्मा, एसएसपी
Bunty Yadav Murder Case: पटना में बंटी यादव की हत्या का मुख्य आरोपी रवीश मुठभेड़ में घायल हो गया. उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. पटना के एसएसपी ने इस घटना की वजह बंटी और रवीश के बीच वर्चस्व की लड़ाई को बताया.
Bunty Yadav Murder Case: बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश गुरुवार की सुबह मुठभेड़ में घायल हो गया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की थी और गोली रवीश के पैर में लगी थी. घायल रवीश को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां वह खतरे से बाहर है. यह मुठभेड़ बुद्धा कॉलोनी थाना इलाके में एलएनटी घाट के पास हुई.
एनकाउंटर के बारे में SSP ने क्या बताया?
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बंटी यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी रवीश के लिए छापेमारी की जा रही थी. इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि रवीश पटना आकर और पैसे लेकर नेपाल भागने की तैयारी में है. जानकारी मिली कि वह नदी के रास्ते नाव से पटना आया है. इस वजह से पटना के घाटों पर पुलिस की चेकिंग चल रही थी. ऐसे में पटना के एलएनटी घाट के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे पकड़ा.
पुलिस ने रवीश को रोकने की कोशिश की लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी और गोली पुलिस की गाड़ी पर लगी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई. गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया. मौके से हथियार बरामद किया गया है.
उन्होंने आगे यह भी बताया कि रवीश और बंटी के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी. शराब के मामले में रवीश पहले भी जेल जा चुका है. इस पूरे घटनाक्रम में 4 लोग और भी सम्मिलित हैं, जिसे लेकर कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.
मुख्य आरोपी पर कई आपराधिक मामले हैं दर्ज
जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी पिस्टल बरामद किया है. वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था. बरामद हथियार की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. मौके पर लॉ एंड ऑर्डर एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीआईयू, एसआईयू और कोतवाली थाना की टीम मौजूद रही. आरोपी पर पटना के अलग-अलग थानों में हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं.
जानिए मामले में क्या-क्या हुआ
6 जुलाई को बंटी यादव का पटना जंक्शन स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण कर लिया गया था. पांच दिन बाद 11 जुलाई को उसका शव अथमलगोला से बरामद हुआ था. उसके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और शरीर पर भी कई जगह गहरे जख्म मिले थे. इसके बाद परिजनों से जमकर प्रदर्शन किया था और न्याय की मांग की थी. साथ ही आरोपियों को सजा देने की भी मांग कर रहे थे.
मामले की जांच के लिए बनी थी टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था-01) के नेतृत्व में चार विशेष एसआईटी का गठन किया गया था. इनमें अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण (सीडीआर, टावर डंप, आईपीडीआर व सोशल मीडिया) और छापेमारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं थीं.
अब तक हुई 5 आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान 7 जुलाई को पुलिस ने रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और रवि कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद 11 जुलाई को अथमलगोला थाना इलाके के फुलेलपुर फोरलेन के नीचे खेत में मिट्टी में दबा बंटी यादव का शव बरामद हुआ. आगे की जांच में पुलिस ने सोमवार को रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. इस तरह से मामले में अब तक पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है.
गिरफ्तार आरोपियों ने क्या बताया?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों ने बताया था कि रवीश कुमार का मोनी किन्नर से संबंध था. दोनों उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए अवैध शराब लाकर उसकी बिक्री करते थे. इसी कारोबार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर बंटी यादव और रवीश के बीच अक्सर विवाद होता था.
इसी रंजिश में शंकर कुमार, रौशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, मोनी किन्नर, सूरज, बजरंगी कुमार और रवि कुमार ने साजिश के तहत बंटी यादव का अपहरण किया. उसकी हत्या कर शव को अथमलगोला थाना इलाके में फोरलेन किनारे खेत में बालू और मिट्टी से ढक दिया.
चार पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड
मामले में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. जानकारी के अनुसार, जिस समय पटना जंक्शन के पास से बंटी यादव का अपहरण हुआ, उस दौरान घटनास्थल के आस-पास पुलिस अवर निरीक्षक प्रवीण कुमार और गृहरक्षक सुदर्शन प्रसाद की ड्यूटी लगी थी. महावीर मंदिर टीओपी पर पुलिस अवर निरीक्षक अवधेश कुमार और डायल-112 पर पुलिस अवर निरीक्षक वीर बहादुर सिंह तैनात थे.
प्राथमिक जांच में सामने आया कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी तक नहीं मिली और समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सिटी एसपी (मध्य) ने तीन पुलिस अवर निरीक्षकों और एक गृहरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अगर जांच में अन्य किसी स्तर पर भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
पप्पू यादव ने परिजनों से की थी मुलाकात
14 जुलाई को बंटी यादव के परिजनों से मुलाकात कर सांसद पप्पू यादव ने उनका ढाढस बांधा और सांत्वना दिया था. सांसद से मिलते ही बंटी यादव की मां फफक-फफककर रो पड़ीं थीं. पप्पू यादव ने कहा था, हम परिजनों के साथ मजबूती से खड़े हैं. दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा दी जाए. इस दौरान मीडिया के सामने पप्पू यादव ने पुलिस पर भी जमकर निशाना साधा था. साथ ही परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी भी दिए जाने की मांग की थी.
प्रशांत किशोर ने भी आज की परिजनों से मुलाकात
बंटी यादव के परिजनों से आज जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने परिजनों का ढाढस बांधा. इससे पहले जब बंटी यादव का अपहरण हुआ था, तब परिजनों ने करबिगहिया के पास जमकर प्रदर्शन किया था. उस दौरान भी प्रशांत किशोर वहां पहुंचे थे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया था.
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By प्रीति दयाल
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