नाश्ता कम, दवा खत्म, बेड का चादर भी बेरंग, गोपालगंज सदर अस्पताल में कुछ भी अप टू डेट नहीं
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Apr 2022 5:30 PM
सरकार स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है बावजूद मॉडल सदर अस्पताल में भर्ती मरीज को संतुलित आहार, बेड पर चादर और साफ-सफाई का समूचित इंतजाम नहीं है. मरीजों को कई तरह की सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है.
गोपालगंज. सरकार स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है बावजूद मॉडल सदर अस्पताल में भर्ती मरीज को संतुलित आहार, बेड पर चादर और साफ-सफाई का समूचित इंतजाम नहीं है. मरीजों को कई तरह की सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है. यहां भर्ती मरीज बाजार से अपना भोजन खरीद रहे हैं. मरीजों की माने तो अस्पताल में मीनू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जाता. कई मरीज ऐसे हैं, जिन्हें दो दिनों से नाश्ता और भोजन नहीं मिला है.
शनिवार को प्रसव वार्ड में भर्ती मरीजों ने कहा कि भोजन में चावल दाल व सब्जी की मात्रा काफी कम होती है. इस संबंध में शिकायत करने पर खाना आपूर्ति कराने वाली संस्था के कर्मी मरीजों के साथ मनमाने ढंग से बात करते हैं. साफ-सफाई भी 24 घंटे में एक बार सुबह होती है, उसके बाद दुबारा सफाईकर्मी प्रसव वार्ड में नहीं पहुंचता है, जिसके कारण बदबू से जच्चा-बच्चा को संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है. मरीजों की बेड के चादर भी तीन दिनों से बदला नहीं गया है. प्रसव वार्ड की इंचार्ज बतातीं हैं कि कई दिनों से धोबी चादर की सफाई नहीं कर रहा, जिससे चादर बदलने में समस्या आ रही है.

सदर अस्पताल में मरीजों को शुद्ध पेय जल मिल सके, इसके लिए वारट कूलर लगाया गया है, लेकिन इस भीषण गर्मी में कई दिनों से खराब पड़ा है. मरीजों को पीने के लिए पानी भी खरीदनी पड़ रही है. अस्पताल प्रशासन इसपर ध्यान नहीं दे रहा है.
सदर अस्पताल में शनिवार को ओपीडी के सभी डॉक्टर सुबह आठ बजे पहुंचे. अलग-अलग वार्डों में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की इलाज की. दोपहर दो बजे तक डॉक्टर ड्यूटी में बैठे रहे, जिससे इलाज कराने आये मरीजों को काफी सहूलियत मिली. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के ड्यूटी की शनिवार को सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही थी.

तेतरी देवी बरौली प्रखंड के कमालपुर से प्रसव वार्ड में भर्ती मरीज विजांति देवी के परिजन तेतरी देवी का कहना है कि शुक्रवार सुबह से मरीज भर्ती है. बेड पर घर से चादर लाकर बिछाया गया. किसी भी टाइम नाश्ता, लंच और भोजन नहीं मिला. वहीं आशा देवी थावे के लछवार की सरस्वती देवी पांच दिन से भर्ती है. प्रसव वार्ड में ऑपरेशन से बच्चा हुआ. इलाज में आधे से अधिक दवा और अल्ट्रासाउंड समेत सभी तरह की जांच बाहर से करानी पड़ी. सिर्फ बेड का पैसा नहीं लगा. सफाई इस कदर है कि मरीज की बेड पर चीटियां चल रही है.
नाश्ता : ब्रेड, बिस्किट, दूध, अंडा, फल
लंच : चावल, दाल, सब्जी, खिचड़ी
डिनर : रोटी और सब्जी
रविवार बैगनी
सोमवार नीला
मंगलवार आसमानी
बुधवार हरा
गुरुवार पीला
शुक्रवार नारंगी
शनिवार लाल
सीएस डॉ वीरेंद्र प्रसाद कहते हैं कि मरीज को नाश्ता, भोजन और लंच देना है. इन सबके लिए मीनू बना है. बेड पर चादर भी प्रत्येक दिन बदलना है. ऐसा क्यों नहीं हो रहा, इंचार्ज से पूछ रहे हैं.
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