‍BRABU: विवि से परीक्षार्थियों की कॉपी गायब, आरटीआई से मांगने के बाद भी छात्रों को नहीं मिला जवाब

Updated at : 20 Oct 2022 6:05 AM (IST)
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‍BRABU: विवि से परीक्षार्थियों की कॉपी गायब, आरटीआई से मांगने के बाद भी छात्रों को नहीं मिला जवाब

BRABU विश्वविद्यालय कैंपस के पुराने परीक्षा भवन के हॉल में रखी गयी कॉपियों को लेकर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार परीक्षा के बाद पुरानी कॉपियों की रखरखाव को लेकर विश्वविद्यालय सुर्खियों में आया है.

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BRABU विश्वविद्यालय कैंपस के पुराने परीक्षा भवन के हॉल में रखी गयी कॉपियों को लेकर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार परीक्षा के बाद पुरानी कॉपियों की रखरखाव को लेकर विश्वविद्यालय सुर्खियों में आया है. हॉल के अंदर जैसे-तैसे कूड़े की ढेर की तरह फेंकी गयी कॉपियों की तस्वीर वायरल होने के बाद तरह-तरह के सवाल-जवाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से होने शुरू हो गये हैं. हालांकि, परीक्षा विभाग के कंट्रोलर डॉ संजय कुमार का कहना है कि हॉल में जो कॉपियां रखी गयी हैं, वे तीन साल पुरानी हैं. सभी कॉपियाें को टेंडर कर बेचना है. दो बार टेंडर भी आमंत्रित किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से टेंडर रद्द हो गया है. उस कॉपियों का अब कोई उपयोग नहीं है. उनका कहना है कि विवि को बदनाम करने के लिए उसकी तस्वीर वायरल कर दी गयी है.

जवाब देने में बहाना बना रहा विवि

छात्र संगठन से जुड़े नेताओं ने यह सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि जब फेल व प्रमोटेड छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआइ) से मांगते हैं, तब यूनिवर्सिटी देने में क्यों विलंब करता है. उस समय तरह-तरह का बहाना बनाया जाता है. जब कूड़े के ढेर की तरह कॉपियां फेंक कर रखी जायेंगी, तो फिर कैसे छात्रों को मिलेंगी. छात्र नेताओं ने विवि अधिकारियों से कहा है कि दो साल में कितने छात्र आरटीआइ से अपनी कॉपियों की मांग किये हैं और कितने को उपलब्ध कराया गया है, इसका भी लेखा-जोखा यूनिवर्सिटी उपलब्ध कराये. इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगा कि जिन कॉपियों की तस्वीर वायरल हो रही है, वे कॉपियां बेकार हैं.

कॉपियों के गायब होने की मिलती है शिकायत

यूनिवर्सिटी में परीक्षा के बाद कॉपियों के गायब होने की शिकायत अक्सर मिलती रहती है. यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी बताते हैं कि जिस तरीके से परीक्षा के बाद कॉपियों को रखनी चाहिए, वैसे नहीं रखी जाती है. खोजबीन में कर्मचारी बंडल को खोलते हैं, लेकिन दोबारा फिर उसे बांधते नहीं. ऐसे में कॉपियां बिखर जाती हैं. यही कारण है कि जब छात्र आवेदन करते हैं, तब बिना कॉपी तलाश किये कुछ समय बीतने के बाद स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी कॉपियों के गायब होने की रिपोर्ट अधिकारी को सौंप देते हैं.

स्नातक से लेकर बीएड व पीआरटी तक की होती हैं परीक्षाएं

बीआरए बिहार विवि में हर साल स्नातक से लेकर बीएड व पीआरटी तक की परीक्षाएं होती हैं, जिसकी कॉपियों लाखों में रहती हैं. उन कॉपियों को सुरक्षित रखने के लिए यूनिवर्सिटी के पास पर्याप्त जगह का भी अभाव है. यही कारण है कि जिस कॉलेज में सेंटर बना कॉपियों की जांच करायी जाती है. वहीं, महीनों-महीनों तक पड़ी रहती है.

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