पटना की सड़कों पर उतरा BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों का सैलाब, बोले- नोटिफिकेशन कब आएगा?

BPSC TRE-4 Protest
BPSC TRE-4 Protest: BPSC TRE-4 नोटिफिकेशन जारी करने में हो रही देरी को लेकर पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है. सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार व बिहार लोक सेवा आयोग से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं.
BPSC TRE-4 Protest: पटना एक बार फिर शिक्षक अभ्यर्थियों के नारों से गूंज उठी है. BPSC TRE-4 के नोटिफिकेशन में हो रही देरी ने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं को उद्वेलित कर दिया है. इसी कड़ी में आज पटना यूनिवर्सिटी के पटना कॉलेज परिसर से एक ‘महा आंदोलन’ का बिगुल फूंका गया.
सैकड़ों की संख्या में जुटे अभ्यर्थियों ने पैदल मार्च निकालकर सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग को अपनी ताकत का अहसास कराया. छात्रों का कहना है कि वे अब और इंतजार नहीं करेंगे, उन्हें सिर्फ और सिर्फ नोटिफिकेशन की तारीख चाहिए.
पटना कॉलेज से ‘महा-आंदोलन’ की शुरुआत
अभ्यर्थियों का यह पैदल मार्च पटना कॉलेज से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा. हाथों में तख्तियां और जुबां पर इंसाफ की मांग लिए ये छात्र शांतिपूर्ण लेकिन बेहद आक्रामक अंदाज में विरोध दर्ज करा रहे थे.
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समय पर बहाली के निर्देश दिए थे, लेकिन आयोग और विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के कारण प्रक्रिया ठप पड़ी है.अभ्यर्थियों ने इसे सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों का अपमान बताया और मांग की कि TRE-4 की रिक्तियां और आवेदन की तिथि तुरंत स्पष्ट की जाए.
विरोध प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया जा रहा है. एक अभ्यर्थी ने भावुक होते हुए कहा कि जब सरकार ने चौथे चरण की बहाली का भरोसा दिया था, तो फिर नोटिफिकेशन जारी करने में देरी क्यों?
नोटिफिकेशन की मांग और आगे की रणनीति
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर TRE-4 का नोटिफिकेशन अपलोड नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा. छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा का कैलेंडर जारी हो और रिक्तियों की संख्या पारदर्शी तरीके से बताई जाए.
पटना पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट पर है और अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की जा रही है. लेकिन छात्रों का साफ़ कहना है कि वे अब बिना ठोस आश्वासन के पीछे नहीं हटेंगे. बिहार की राजनीति और शिक्षा जगत की नजरें अब आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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