मां नहीं बन सकीं अधिकारी तो बेटी ने सपना पूरा करने का ठाना, BPSC पास कर बनीं SDM, 2 बच्चों को संभालते हुए पूरी की पढ़ाई

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रुचि रानी अपने बच्चों के साथ

रुचि रानी अपने बच्चों के साथ

Success Story: करीब साढ़े चार साल की मेहनत और आखिरकार मां के सपने को पूरा कर दिखाया. पटना की रुचि रानी बीपीएससी में 260वीं रैंक लाकर एसडीएम बन गईं हैं. रुचि रानी के मुताबिक, उनकी मां ने बीपीएससी की परीक्षा पास करने का सपना देखा था. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी. अब अपनी मां के सपने को रुचि ने पूरा कर दिखाया है.

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Success Story: शादी के बाद घर की जिम्मेदारी, ऑफिस और बच्चों को संभालना महिलाओं के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं होता. लेकिन इसके बावजूद खुद के सपने को पूरा करना और अपने लक्ष्य को पा लेना, हर किसी के बस की बात नहीं होती. लेकिन कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, पटना की रुचि रानी ने. शादी के बाद परिवार, दो बच्चे और ऑफिस की जिम्मेदारियों को संभालते हुए उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा पास की और 260वीं रैंक लाकर एसडीएम बन गईं हैं.

साढ़े चार साल की मेहनत के बाद मिली सफलता

रुचि रानी के मुताबिक यह सफलता उन्हें लगभग साढ़े चार साल की मेहनत के बाद मिली है. उन्होंने अपनी सफलता का क्रेडिट अपने परिवार और खासकर अपने पति प्रभाकर भारद्वाज को दिया. एक मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी मां के सपने का जिक्र किया.

बीपीएससी पास करना उनकी मां का सपना था. उनकी मां ने परीक्षा भी दी लेकिन वह सफलता नहीं पा सकीं. बस फिर क्या था, रुचि ने खुद ही मां के सपने को पूरा करने का ठाना. सालों कड़ी मेहनत की आखिरकार बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की.

इस तरह किया टाइम मैनेजमेंट

रुचि ने अपनी सफलता का मंत्र टाइम मैनेजमेंट बताया. एक मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, वह किचन में खाना बनाते वक्त भी फोन में करेंट अफेयर्स सुनती रहतीं थीं. इतना ही नहीं, रात में जब बच्चे सो जाते थे तो वह देर रात तक पढ़ाई करतीं थीं.

साथ ही वह ऑफिस भी जातीं थीं. ऑफिस में अगर उन्हें थोड़ा फ्री टाइम मिलता था, तो वह उस वक्त को पढ़ाई में लगातीं थीं. इस तरह से उन्होंने टाइम मैनेज किया. उनका स्पष्ट कहना है कि लक्ष्य अगर क्लियर रहे तो छोटा से छोटा समय सफलता के लिए सीढ़ी बन जाती है.

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

रुचि रानी ने अपनी इस सफलता के बाद बाकी की महिलाओं को संदेश भी दिया. उनका कहना था कि पॉजिटिव थिंकिंग और मेहनत से किसी भी लक्ष्य, किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है. साथ ही वे युवाओं को निगेटिव थिकिंग से दूर रहने और ईमानदारी से अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करने की सलाह दी. इस तरह रुचि रानी कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं. खासकर गृहिणियों के लिए वे इंस्पीरेशन बन गईं हैं.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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