नालंदा विश्वविद्यालय में 35 देशों के छात्र कर रहे पढ़ाई, 72 देशों से आए नामांकन आवेदन

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नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सचिन चतुर्वेदी विद्यार्थी कलाकारों के साथ

Biharsharif News : नालंदा विश्वविद्यालय में 35 देशों के विद्यार्थी कर रहे अध्ययन. कुलपति प्रो सचिन चतुर्वेदी ने युवाओं को भारत के भविष्य का वास्तुकार बताया.

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Biharsharif News : प्राचीन काल की तरह नालंदा विश्वविद्यालय एक बार फिर दुनिया भर के ज्ञान-पिपासुओं को अपनी ओर आकर्षित करने लगा है. वर्तमान में विश्वविद्यालय में 35 देशों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि 72 देशों के विद्यार्थियों ने नामांकन के लिए आवेदन किया है. शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने यह जानकारी दी.

विद्यार्थियों की संख्या एक हजार के पार

विश्वविद्यालय की बढ़ती अकादमिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को रेखांकित करते हुए कुलपति ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या एक हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है. उन्होंने युवाओं को भारत के भविष्य का वास्तुकार बताते हुए अकादमिक गतिविधियों के साथ विश्वविद्यालय के संचालन और सामाजिक दायित्वों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया.


कार्यक्रम को संबोधित करते प्रो सचिन चतुर्वेदी
कार्यक्रम को संबोधित करते प्रो सचिन चतुर्वेदी

प्राचीन नालंदा की ज्ञान परंपरा का किया उल्लेख

विकसित भारत @2047 की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा का लाभ ग्लोबल साउथ के साझेदार देशों तक भी पहुंचना चाहिए. उन्होंने नालंदा की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वर्तमान वैश्विक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि सदियों पहले यहां ज्ञान भौगोलिक सीमाओं से परे साझा, विकसित और सह-निर्मित होता था. उन्होंने कहा कि ज्ञान के माध्यम से दुनिया को जोड़ने और आपसी सहभागिता की यह परंपरा आधुनिक वैश्वीकरण की अवधारणा से बहुत पहले नालंदा की पहचान रही है.

नए पाठ्यक्रम और शोध गतिविधियों पर जोर

कुलपति ने विश्वविद्यालय की आगामी अकादमिक प्राथमिकताओं की भी जानकारी दी. शोध क्लस्टरों और फैकल्टी कोलोक्वियम के माध्यम से अंतर-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों की शोध में भागीदारी बढ़ाने, चुनिंदा विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सेमेस्टर एक्सचेंज शुरू करने तथा विद्यार्थियों के नेतृत्व में अकादमिक जर्नल विकसित करने पर जोर दिया गया. उन्होंने बताया कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी स्टडीज, डेटा साइंस एंड एआई तथा संस्कृत के नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. इसके अलावा विश्वविद्यालय में 27 अल्पकालिक कार्यक्रम और 54 वैकल्पिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.

लीप 2.0 के लिए 40 लाख रुपये का प्रावधान

विश्वविद्यालय और समाज के बीच मजबूत संबंध को आवश्यक बताते हुए कुलपति ने कहा कि लीप 2.0 के लिए इस वर्ष 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सहयोग देने के साथ-साथ आसपास के समुदायों के लिए सार्थक स्वैच्छिक योगदान को प्रोत्साहित करना है.

बदलती वैश्विक परिस्थितियों को समझने का आह्वान

प्रो. चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों से बदलती भू-राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय परिस्थितियों को समझने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि शोध, कौशल विकास और व्यावहारिक शिक्षा के साथ डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध सूचनाओं को लेकर आलोचनात्मक और सजग दृष्टिकोण विकसित करना भी समय की आवश्यकता है.

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रामविलास प्रसाद

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By रामविलास प्रसाद

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