ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की होगी पहचान

परिवहन विभाग ने राज्य में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है़
बिहारशरीफ. परिवहन विभाग ने राज्य में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है़ अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से जिलों में हेलमेट नहीं पहनने वालों एवं अन्य यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान होगी़ इसके लिए राज्य के 26 जिलों के 72 महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सीसीटीवी के माध्यम से ऑटोमेटेड चालान जारी किया जाएगा़. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह पहल राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सड़क दुर्घटना में कमी लाने और यातायात के नियमों का पालन सख्ती से करवाने के उद्देश्य से की जा रही है.
कानून व्यवस्था तोड़ने वाले भी किये जायेंगे चिन्हित :
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि पटना की तर्ज पर 26 जिलों में भी सीसीटीवी के माध्यम से ऑटोमेटिक चालान कटेगा. इन जिलों के 72 प्रमुख चौक चौराहो पर सड़क सुरक्षा दृष्टिकोण से जिलों में सीसीटीवी व एएनपीआर कैमरा का अधिष्ठापन किया जाएगा. चार स्मार्ट सिटी वाले जिलों में पूर्व से यह व्यवस्था लागू है तथा 9 अन्य जिलों में एक विस्तृत कार्यक्रम के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इन सीसीटीवी कैमरा से न केवल ट्रैफिक वायेलेटर्स की पहचान की जाएगी, बल्कि कानून व्यवस्था तोड़ने वाले लोग को भी चिन्हित किया जाएगा, जिससे उस शहर की सुरक्षा भी मजबूत होगी. हेलमेट नहीं लगाने से 1389 लोगों की मौत :बिहार में वर्ष 2023 में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से सड़क दुर्घटना में 1389 लोगों की मौत और 905 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इन मौतों में 882 दोपहिया वाहन चालक एवं 507 पीछे सवार थे जो दुर्घटना के वक्त हेलमेट नहीं पहने थे. सड़क दुर्घटना आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं. बिना हेलमेट के सड़क पर वाहन चलाना सिर पर गंभीर चोट का कारण बनता है, जो जानलेवा हो सकता है.
मार्च तक सीसीटीवी एएनपीआर कैमरों का अधिष्ठापन करने लक्ष्य :
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने और ऑटोमेटेड चालान जारी करने के लिए चौक-चौराहों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इस कार्य को पूर्ण करने के लिए मार्च 2025 का लक्ष्य रखा गया है एवं 1 अप्रैल से ऑटोमेटेड चालान जारी होने लगेगा.
ऑटोमेटेड चालान की प्रक्रिया :
कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से स्कैन करेंगे. किसी भी प्रकार के यातायात नियम के उल्लंघन की स्थिति में सिस्टम स्वतः चालान तैयार कर संबंधित वाहन स्वामी के पते पर भेजेगा. जागरूकता अभियान : इस नई व्यवस्था के लागू होने से पहले, आम जनता को इस बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. अभियान के तहत ट्रैफिक नियमों के पालन और चालान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी. यातायात व्यवस्था में होगी सुधार : इस कदम से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात सुगम होगा. ऑटोमेटेड प्रणाली से चालान प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी. इन 26 जिलों में सीसीटीवी कैमरे से कटेंगे चालान : मधेपुरा, सुपौल, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, समस्तीपुर, मधुबनी, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, बांका, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बक्सर, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, गोपालगंज, सिवान, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, खगड़िया, मोतिहारी. 26 जिलों सीसीटीवी माध्यम से कटेगा ऑटोमेटिक चालान :पटना की तर्ज पर 26 जिलों में भी सीसीटीवी के माध्यम से ऑटोमेटिक चालान कटेगा. इन जिलों के 72 प्रमुख चौक चौराहो पर सड़क सुरक्षा दृष्टिकोण से जिलों में सीसीटीवी व एएनपीआर कैमरा का अधिष्ठापन किया जाएगा.
-संजय कुमार अग्रवाल, परिवहन सचिव
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