विश्व शेर दिवस पर राजगीर जू सफारी में ‘मिनी जू कीपर’ बने विद्यार्थी, वन्यजीव संरक्षण की ली जानकारी
राजगीर जू सफारी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी एवं निदेशक | Prabhat Khabar Network
राजगीर जू सफारी ने विश्व शेर दिवस पर 'मिनी जू कीपर' कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बच्चों ने वन्यजीवों के आहार, व्यवहार, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में सीखा. विद्यार्थियों को क्विज प्रतियोगिता और शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया गया.
Rajgir Zoo Safari Mini Zoo Keeper : विश्व शेर दिवस के अवसर पर युवा पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने और उनमें प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से सोमवार को राजगीर जू सफारी में विशेष ‘मिनी जू कीपर कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने वन्यजीवों को करीब से देखने के साथ-साथ जू कीपर की भूमिका निभाते हुए उनके आहार, व्यवहार, स्वास्थ्य, देखभाल और वैज्ञानिक प्रबंधन की बारीकियों को समझा. कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए वन्यजीव संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अनूठा अवसर बना.
क्विज प्रतियोगिता और चयनित विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
कार्यक्रम के तहत शहर के पांच विद्यालयों डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, विवेकानंद मध्य विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, आदर्श मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई. प्रत्येक विद्यालय से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन मिनी जू कीपर के रूप में किया गया.
चयनित 15 विद्यार्थियों को राजगीर जू सफारी के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विशेष शैक्षणिक भ्रमण कराया गया. मिनी जू कीपर्स ने सर्वप्रथम हर्बिवोर इन्क्लोजर का भ्रमण किया. यहां विद्यार्थियों ने शाकाहारी वन्यजीवों के दैनिक आहार, पोषण, स्वच्छता और वैज्ञानिक प्रबंधन की प्रक्रिया को समझा.
पशुचिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि वन्यजीवों के स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य निगरानी और उचित प्रबंधन बेहद जरूरी है.
एवियरी और वन्यजीव अस्पताल का अवलोकन
इसके बाद विद्यार्थियों ने एवियरी का भ्रमण किया. यहां उन्हें विभिन्न पक्षी प्रजातियों के व्यवहार, आहार, प्राकृतिक आवास, स्वास्थ्य एवं रख-रखाव की जानकारी दी गई. विद्यार्थियों ने पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार को करीब से देखा और जाना कि चिड़ियाघर में वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना संरक्षण की महत्वपूर्ण कड़ी है. कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक पड़ाव वन्यजीव अस्पताल रहा.
यहां विद्यार्थियों को राजगीर जू सफारी में हैंड-रियरिंग के माध्यम से पाली गई शावक ‘लक्ष्मी’ की सफलता की कहानी बताई गई. उन्हें समझाया गया कि संकट में पड़े वन्यजीवों के जीवन को बचाने के लिए निरंतर देखभाल, विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी और वैज्ञानिक उपचार की आवश्यकता होती है.
विद्यार्थियों ने अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सीय उपकरणों और प्रयोगशाला का अवलोकन कर वन्यजीवों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की.
निदेशक का संदेश और सम्मान समारोह
इस अवसर पर राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम. ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण की शुरुआत जागरूकता से होती है. इसकी मजबूत नींव बच्चों के मन में रखी जा सकती है. ‘मिनी जू कीपर’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन्यजीवों के करीब लाकर उनमें प्रेम, संवेदनशीलता और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है.
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उन्होंने कहा कि राजगीर जू सफारी वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीव शिक्षा और जन-जागरूकता का भी महत्वपूर्ण केंद्र है. आज के मिनी जू कीपर भविष्य में संरक्षण के सशक्त संदेशवाहक बन सकते हैं. कार्यक्रम के समापन पर सभी चयनित मिनी जू कीपर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
साथ ही लायन रिटायरिंग रूम में कार्यरत एनिमल कीपर्स को वन्यजीवों की निरंतर देखभाल, समर्पण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य के लिए सम्मानित किया गया. इस अवसर पर डॉ. संजीत कुमार, पशुचिकित्सा पदाधिकारी, अजय कुमार, सहायक वन संरक्षक, सूरज कुमार एवं शिवम सिन्हा, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी सहित वनपाल एवं वनरक्षी मौजूद रहे.
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