नालंदा में नल-जल योजना ठप: भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसा पूरा गांव; भड़के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी!
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 06 Jun 2026 9:15 PM
सांकेतिक तस्वीर
Nalanda Nal Jal Yojana: हरनौत प्रखंड की पोआरी पंचायत के वार्ड 13 में पिछले एक हफ्ते से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है. पीएचईडी विभाग की लापरवाही के खिलाफ महादलित टोले के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
Nalanda Nal Jal Yojana(अमर वर्मा): बिहार में सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के दावों की जमीनी हकीकत नालंदा जिले में तार-तार होती दिख रही है. हरनौत प्रखंड की पोआरी पंचायत के वार्ड नंबर 13 में इस वक्त चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है. ‘हर घर नल-जल योजना’ पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह ठप पड़ी है, जिसके कारण पूरे इलाके में जल संकट गहरा गया है. बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों का विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने सीधे आर-पार के आंदोलन का मन बना लिया है.
गरीब और दैनिक मजदूरों के सामने खड़ा हुआ जीवन का सबसे बड़ा संकट
यह प्रभावित इलाका मुख्य रूप से अनुसूचित जाति बहुल है, जहां रहने वाले अधिकांश लोग दैनिक मजदूरी कर अपना पेट पालते हैं. नल से पानी का आना बंद होने के कारण सबसे ज्यादा प्रताड़ना महिलाओं और मासूम बच्चों को झेलनी पड़ रही है. उन्हें सुबह होते ही घरेलू कामकाज और प्यास बुझाने के लिए तपती धूप में मीलों दूर के इलाकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. ग्रामीण बिरेन पासवान ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पीएचईडी (PHED) विभाग के कनीय अभियंता (JE) और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण गरीबों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा से महरूम होना पड़ रहा है.
बार-बार खराब हो रही मोटर, ग्रामीणों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
| वर्तमान संकट की वजह | पहले का रिकॉर्ड और विभागीय रवैया | ग्रामीणों का अंतिम अल्टीमेटम |
| तकनीकी उपकरण फेल | नल-जल प्लांट का एमसीबी (MCB) और बिजली के मुख्य उपकरण जल चुके हैं. | प्रखंड मुख्यालय का घेराव: यदि 2 दिनों में पानी नहीं आया, तो उग्र धरना-प्रदर्शन होगा. |
| उदासीनता का खेल | मीडिया में खबर आने पर आनन-फानन में काम होता है, फिर कुछ दिन बाद मोटर ठप हो जाती है. | कामकाज ठप: मजदूरों को अपनी दिहाड़ी छोड़कर पानी का इंतजाम करने में समय गंवाना पड़ रहा है. |
दोषियों पर गिरेगी गाज, जेई ने कहा “जल्द चालू होगी सप्लाई”
इस पूरे उबलते मामले और ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से पर संज्ञान लेते हुए पीएचईडी (PHED) की कनीय अभियंता सुप्रिया कुमारी ने विभाग का पक्ष रखा है. उन्होंने बताया कि पोआरी गांव में जलापूर्ति बाधित होने का मामला उनके संज्ञान में आ चुका है. नल-जल प्लांट के मुख्य एमसीबी समेत कुछ अन्य जरूरी तकनीकी उपकरणों में अचानक तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई.
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि मैकेनिकों को भेजकर उपकरणों को जल्द से जल्द ठीक कराया जा रहा है और एक से दो दिन के भीतर हर हाल में जलापूर्ति को दोबारा सुचारू (बहाल) कर दिया जाएगा. इधर ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि अगर इस बार भी सिर्फ कागजी आश्वासन मिला, तो पूरा टोला हरनौत प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ने को मजबूर होगा.
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