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बिहारशरीफ शहर को पेयजल के लिए गंगाजल योजना की है आस

Updated at : 24 May 2024 9:03 PM (IST)
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बिहारशरीफ शहर को पेयजल के लिए गंगाजल योजना की है आस

लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए दिनों - दिन शहर में पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है. नगर निगम के वार्ड पार्षदों को इसका आभास हो चुका है.

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बिहारशरीफ. लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए दिनों – दिन शहर में पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है. नगर निगम के वार्ड पार्षदों को इसका आभास हो चुका है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए नगर निगम बिहारशरीफ के द्वारा शहर को गंगाजल उद्वह योजना से जोड़ने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर कई माह पूर्व ही नगर विकास एवं आवास विभाग के पास भेजा गया है. नगर निगम के वार्ड पार्षदों द्वारा पारित यह प्रस्ताव समसामयिक कहा जा सकता है. फिलहाल नगर निगम द्वारा पारित वह प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग के पास लंबित है.

बिहारशरीफ शहर में भू-गर्भीय जलस्तर की स्थिति काफी विकट स्थिति में है. शहर में कहीं – कहीं भू-जल का स्तर 230 फुट नीचे है. यहीं नहीं शहर के कई मोहल्लों में जमीन के नीचे पहाड़ भी मिला है. जिसके कारण उन मोहल्ले में अधिक गहराई वाली बोरिंग करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. ऐसे मोहल्लों में फिलहाल दूसरे मोहल्ले के जलापूर्ति केन्द्रों से पानी की सप्लाई की जा रही है. इस स्थिति को देखते हुए भविष्य में शहर में पेयजल का गंभीर संकट पैदा होने की पूरी-पूरी संभावना बनी हुई है. शहर के अधिकांश निजी समबर्सिबल बोरिंग फेल होते जा रहे हैं. इस स्थिति में शहर के अधिकांश गृह स्वामी पेयजल के लिए नगर निगम के जलापूर्ति केन्द्रों पर आश्रित होते जा रहे हैं. इधर नगर निगम के जलापूर्ति केन्द्रों की स्थिति भी लगातार दयनीय होती जा रही है. पुराने जलापूर्ति केन्द्र धीरे-धीरे एक-एक कर जबाव देते जा रहे हैं. शहर के ज्यादातर जलापूर्ति केन्द्रों में 40 एचपी के मोटर लगाए गए हैं. इस स्थिति को देखते हुए भविष्य में शहरवासियों के समक्ष पेयजल का गंभीर संकट पैदा होने की संभावना बनी हुई.

इन सब परेशानियों को देखते हुए भविष्य में शहरवासियों को पेयजल के गंभीर संकट से बचाने के उद्देश्य से नगर निगम के वार्ड पार्षदों के शहर को गंगाजल उद्वह योजना से जोड़ने का प्रस्ताव समय पर लिया उचित कदम कहा जा सकता है. सबसे बड़ी बात तो यह है बिहारशरीफ शहर से होकर ही गंगाजल उद्वह योजना की पाइपलाइन गुजरी है. इस पाइपलाइन के सहारे पर्यटन नगरी राजगीर , गया और उसके बाद नवादा जा रही है. इस लिहाज से देखें तो बिहारशरीफ शहर को गंगाजल उद्वह योजना से जोड़ने में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी. अब देखना यह है नगर विकास एवं आवास विभाग बिहारशरीफ नगर निगम के द्वारा पारित उक्त प्रस्ताव पर कब अमल करता है.

क्या कहते हैं शहरवासी:

नगर निगम द्वारा शहर को गंगाजल उद्वह योजना से जोड़ने का पारित प्रस्ताव भविष्य में शहरवासियों को गंभीर पेयजल संकट से बचाने के लिए एक उचित व समय से उठाया गया कदम है. शहर में भू-गर्भीय जलस्तर की जो वर्तमान में स्थिति है वह काफी डरावना है. शहर के नीचे कई जगह पहाड़ हैं. भू-जल का स्तर 230 फुट तक पहुंच चुका है.””””

– महेंद्र कुमार विकल

”””” नगर निगम द्वारा सर्वसम्मति से पारित शहर को गंगाजल उद्वह योजना से जोड़ने का प्रस्ताव सर्वथा उचित है. गंगाजल उद्वह योजना की पाइपलाइन शहर से होकर ही गुजरी है. फिलहाल इस पाइपलाइन से राजगीर, गया व नवादा में गंगाजल की आपूर्ति हो रही है. ऐसे में बिहारशरीफ शहर को भी इस योजना से जोड़ने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.””””

– कामुल प्रसाद

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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