Flood 2022: गंडक नदी में उफान, निचले इलाके में तेजी से फैल रहा पानी, तटबंधों पर बढ़ा दबाव
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Aug 2022 8:56 PM
Flood 2022: गंडक नदी में उफान क कारण निचले इलाके में तेजी से पानी फैल रहा है. इसके कारण तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है. निचले क्षेत्र में पानी प्रवेश करने लगा है. इसकी सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने डीएम के साथ लिया तटबंधों का जायजा
बुधवार की सुबह से गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. नदी का पानी नये दियारा इलाकों में फैलने लगा है. तटबंध के अंदर बसे छह गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है. सड़क पर पानी तीन से चार फुट तक बहने के कारण वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है. लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी का पानी पार कर रहे हैं. सदर प्रखंड के रामनगर, जगीरी टोला, मुंगरहां, मेहंदिया गांव में नाव का इंतजाम नहीं है. लिहाजा इन इलाकों के लोग पैदल ही लाठी के सहारे पानी की गहराई नाप कर आने-जाने को मजबुर हैं. वहीं दूसरी तरफ पतहरा छरकी पर पानी बा दबाव बढ़ गया है.
तटबंधों पर पानी के दबाव को रोकने के लिए अभियंताओं की टीम को लगाया गया है. तटबंधों पर दबाव को देखते हुए प्रशासन व विभाग के अभियंता हाइअलर्ट मोड में है. बुधवार की शाम में तटबंधों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार अग्रवाल पहुंचे. डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी, अभियंता प्रमुख शैलेंद्र, मुख्य अभियंता अशोक कुमार, अधीक्षण अभियंता विमल कुमार नीरज, बाढ़ सेघर्षात्मक बल के अध्यक्ष मो हामीद, कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ब्यास के साथ पतहरा समेत अन्य तटबंधों का निरीक्षण किया.
प्रधान सचिव ने अधिकारियों को 24 घंटे तटबंधों की निगरानी रखने का निर्देश दिया. साथ ही तटबंध पर जहां-जहां रेन कट हुए हैं. उसे तत्काल दुरुस्त करने को कहा है. वहीं डीएम ने अभियंताओं और तटबंध पर तैनात किये गये दूत को रात में भी निगरानी रखने का निर्देश दिया है. डीएम ने कहा कि जिस तरह से पानी बढ़ रहा है. उससे तटबंध के अंदर बसे 28 गांवों पर बाढ़ का खतरा है. माइकिंग कराकर लोगों को उंचे स्थलों पर जाने के लिए अपील किया गया है.
गंडक नदी में बुधवार को तीन लाख 17 हजार क्यूसेक पानी पार कर गया. नदी वेग अधिक होने के बाद भी पतहरा में जियो ट्यूब स्टर्ड को कोई नुकसान पहुंचा था. प्रधान सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने इसे देख काफी प्रभावित थे. बिहार में जीयो ट्यूब स्टर्ड का पहला प्रयोग किया गया है. पहली बार सदर प्रखंड के पतहरा में तटबंध को बचाने के लिए जियो ट्यूब स्टर्ड का प्रयोग किया गया है. जो काफी कारगर साबित हो रहा है. जल संसाधन विभाग की ओर से पांच स्टर्ड बनाये गये हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित है और तटबंध को बचाने में काफी कारगर साबित हो रहा है. प्रयोग सफल होने के बाद अब इसका उपयोग बिहार में अन्य स्थलों पर की जा सकेगी. मौके पर एसडीओ डॉ प्रदीप कुमार, सीओ राकेश कुमार, विभाग के एसडीओ ओसामा वारसी, जेइ ऋषभ कुमार आदि मौजूद थे.
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