बिहार के शिक्षकों का किस आधार पर होगा ट्रांसफर? शिक्षा विभाग ने दी पूरी जानकारी

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शिक्षा विभाग की तस्वीर

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Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 29 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी आवेदनों पर विचार किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन पूरी होगी.

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Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सभी श्रेणी के शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू कर दी गई है. इसके तहत 29 जुलाई से शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे. नई व्यवस्था को लेकर शिक्षकों में काफी उत्सुकता है.

हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि पहले चरण में कितने शिक्षकों का तबादला होगा, इसकी कोई तय संख्या नहीं है. जो भी आवेदन आएंगे, उन सभी पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा.

पहले चरण में होगा समायोजन और समानुपातिकरण

नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत पहला चरण 7 अगस्त से 9 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान समायोजन और समानुपातिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. विभाग यह देखेगा कि किन स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत ज्यादा है और कहां शिक्षक अपेक्षाकृत अधिक हैं. शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को आधार बनाकर निर्णय लिया जाएगा.

म्युचुअल ट्रांसफर पर भी होगा फैसला

नई नीति में म्युचुअल ट्रांसफर का भी प्रावधान रखा गया है. यानी यदि दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के स्कूल में जाना चाहते हैं तो वे इसके लिए आवेदन कर सकेंगे. इन आवेदनों पर जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति फैसला करेगी. म्युचुअल ट्रांसफर से जुड़े मामलों का निपटारा 10 से 14 सितंबर के बीच किया जाएगा.

सामान्य तबादले के लिए करना होगा इंतजार

जो शिक्षक अपने जिले या प्रखंड में सामान्य तबादला चाहते हैं, उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा. शिक्षा विभाग 16 सितंबर तक सभी स्कूलों की संशोधित रिक्ति सूची जारी करेगा. इसके बाद 17 सितंबर से 23 सितंबर तक सामान्य ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए जाएंगे. माना जा रहा है कि इसी श्रेणी में सबसे ज्यादा आवेदन आने की संभावना है.

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हर दिन होगी ऑनलाइन निगरानी

शिक्षा विभाग को ट्रांसफर पोर्टल से रोजाना आवेदन की जानकारी मिलती रहेगी. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी. शिक्षकों को आवेदन के दौरान अपनी पसंद के स्कूलों का विकल्प देना होगा. अंतिम पोस्टिंग संबंधित स्कूलों में उपलब्ध रिक्तियों और तय नियमों के आधार पर की जाएगी.

नई व्यवस्था से क्या होगा फायदा?

नई ट्रांसफर पॉलिसी का उद्देश्य शिक्षकों के स्थानांतरण को पारदर्शी और आसान बनाना है. इससे मनमानी की संभावना कम होगी और जरूरत वाले स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बेहतर हो सकेगी. साथ ही शिक्षकों को अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा.

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अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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