सुपौल-दरभंगा NH कॉरिडोर को मिली मंजूरी, मिथिलांचल और सीमांचल के बीच बनेगा नया हाईवे, इन जिलों को होगा फायदा

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सुपौल-दरभंगा NH कॉरिडोर को मिली मंजूरी

सुपौल-दरभंगा NH कॉरिडोर को मिली मंजूरी

Supaul Darbhanga NH Project: केंद्र सरकार ने उत्तर बिहार में सुपौल और दरभंगा के बीच प्रस्तावित नए नेशनल हाईवे को मंजूरी दे दी है. यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कोसी क्षेत्र को सीधे दरभंगा एयरपोर्ट और एम्स से जोड़ेगा, जिससे मिथिलांचल और सीमांचल के बीच व्यापार बढ़ेगा और सफर का समय आधा रह जाएगा.

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Supaul Darbhanga NH Project: सुपौल और दरभंगा के बीच बनने वाले नए नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. यह हाईवे सिर्फ दो जिलों को नहीं जोड़ेगा, बल्कि मिथिलांचल, कोसी और सीमांचल के बीच सफर, व्यापार और आपदा के समय राहत कार्यों को भी आसान बनाएगा.

अभी सुपौल से दरभंगा जाने के लिए लोगों को लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है. इससे समय और ईंधन दोनों ज्यादा खर्च होते हैं. यह सड़क आधुनिक ग्रीनफील्ड या एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के रूप में विकसित की जा सकती है.

दरभंगा एयरपोर्ट और AIIMS तक पहुंच होगी आसान

इस हाईवे का सबसे बड़ा फायदा कोसी क्षेत्र के लोगों को मिलेगा. सुपौल, सहरसा और आसपास के जिलों के लोग अब कम समय में दरभंगा एयरपोर्ट और निर्माणाधीन AIIMS दरभंगा तक पहुंच सकेंगे. इससे इलाज, शिक्षा और हवाई यात्रा पहले से ज्यादा आसान होगी.

इस परियोजना का लाभ सुपौल और दरभंगा को मिलेगा. इसके अलावा मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों की सड़क कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. इन इलाकों के लोगों को यात्रा के साथ-साथ व्यापार में भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.

व्यापार और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

नया हाईवे बनने से मखाना, मछली, डेयरी, आम और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान हो जाएगी. किसान और व्यापारी कम समय में अपने सामान को बड़े बाजारों, रेलवे जंक्शन और दरभंगा एयरपोर्ट तक पहुंचा सकेंगे. इससे कारोबार बढ़ने और बेहतर कीमत मिलने की संभावना है.

इस हाईवे के शुरू होने के बाद उत्तर बिहार के कई पुराने रूटों पर वाहनों का दबाव कम होगा. इसका फायदा समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों को भी मिलेगा. इससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर होने की उम्मीद है.

बाढ़ के समय भी नहीं टूटेगा संपर्क

यह हाईवे ऐसे मॉडल पर तैयार किया जा सकता है, जिससे बाढ़ के दौरान भी सड़क संपर्क बना रहे. ऊंचे और मजबूत निर्माण की वजह से राहत और बचाव कार्यों में भी आसानी होगी. इससे हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों को बड़ी राहत मिल सकती है.

यह परियोजना बिहार सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का हिस्सा है. जल संसाधन और सड़क निर्माण विभाग लंबे समय से इस हाईवे की मांग कर रहे थे. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस रूट का सर्वे, ट्रैफिक अध्ययन और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की. रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद केंद्र सरकार ने परियोजना को मंजूरी दे दी.

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जमीन अधिग्रहण और DPR के बाद शुरू होगा काम

अब परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. इस फैसले से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में उत्साह देखा जा रहा है.

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परितोष शाही

लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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