बिहार में नई सरकार के गठन के पहले राजद नेता ने जेडीयू को किया सतर्क, बोले - बीजेपी सहयोगी दलों को खत्म कर देती है

Published by :Pratyush Prashant
Published at :14 Apr 2026 11:32 AM (IST)
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Bihar Politics 14 April 2026

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता भाई वीरेंद्र

Bihar Politics: बिहार में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई है. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि इस्तीफे के बाद ही कुछ कहना उचित होगा, लेकिन साथ ही भाजपा पर सहयोगी दलों को खत्म करने का गंभीर आरोप भी जड़ दिया.

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबरों के बीच राजद के नेता भाई वीरेंद्र ने भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जेडीयू के भविष्य को लेकर भी बड़ी चेतावनी दे दी. क्या भाजपा अपने सहयोगियों को निगलने की राह पर है? या फिर बिहार को पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री मिलने वाला है?

भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि -फिलहाल जो खबरें चल रही हैं, उन पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. उनका कहना था कि अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा देते हैं, तो उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

सहयोगियों को किनारे लगाना भाजपा की फितरत

राजद नेता भाई वीरेंद्र ने सीधे तौर पर भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने पांच साल पहले ही इस स्थिति की भविष्यवाणी कर दी थी. उनका दावा है कि भाजपा जहां भी गठबंधन करती है, वहां अपने सहयोगी दलों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त कर देती है.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा अपने सहयोगियों को निगलने का काम करती है और आज जेडीयू की भी वही स्थिति हो रही है “

क्या सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए कप्तान ?

सम्राट चौधरी के नाम पर जारी चर्चाओं के बीच भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा के पास वर्तमान में संख्या बल है और यह उनका विशेषाधिकार है कि वे किसे मुख्यमंत्री घोषित करते हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंततः फैसला जनता की अदालत में होगा.

क्या नीतीश कुमार ने किसी दबाव में इस्तीफा देने का मन बनाया है? इस पर भाई वीरेंद्र का कहना है कि इसका सही जवाब तो केवल नीतीश कुमार ही दे सकते हैं.

दबाव की राजनीति और बिहार का भविष्य

बिहार की जनता के मन में अब यह सवाल है कि क्या यह ‘इस्तीफा’ राज्य के विकास के लिए है या केवल सत्ता के समीकरणों को साधने की एक कोशिश.

भाई वीरेंद्र के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की विस्तारवादी नीति के रूप में देख रहा है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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