गोविंद हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी: रेकी से लेकर शूटआउट तक की पूरी कहानी, SIT जांच में बड़ा खुलासा

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Police investigation related to the Govind Sharma murder case in Muzaffarpur involving contract shooters and conspiracy.

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुजफ्फरपुर के चर्चित गोविंद हत्याकांड में एसआईटी जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार बाबुल चौधरी ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर साहेबगंज के शूटर राजा सिंह और सौरभ उपाध्याय से हत्या कराई थी. रेकी, हथियार, फ्लैट और पूरी साजिश की कहानी पूछताछ में सामने आई है. पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी…

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मुजफ्फरपुर से प्रेमांशु शेखर की रिपोर्ट

Govind Murder Case: मुजफ्फरपुर के चर्चित गोविंद हत्याकांड में एसआईटी की जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. पुलिस जांच के अनुसार कुख्यात गोविंद शर्मा की हत्या तुर्की थाना क्षेत्र के छाजन संग्राम निवासी रविकांत उर्फ बाबुल चौधरी ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी. हत्या को अंजाम देने के लिए साहेबगंज के परसौनी निवासी राजा सिंह और पारू थाना क्षेत्र के गरीबा गांव निवासी सौरभ उपाध्याय उर्फ बाला को लगाया गया था.

मुख्य शूटर राजा सिंह की तलाश में झारखंड तक छापेमारी

पुलिस के अनुसार राजा सिंह इस हत्याकांड का मुख्य शूटर है और घटना के बाद से फरार है. एसआईटी लगातार उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. उसके झारखंड में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने बताया कि राजा सिंह साहेबगंज के परसौनी गांव का रहने वाला है और उसके पिता पेशे से अमीन हैं. उधर, हत्या के बाद शूटरों को पनाह देने के आरोप में पुरानी गुदरी निवासी मनीष की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है.

मास्टरमाइंड बाबुल चौधरी और सौरभ को भेजा गया जेल

दरभंगा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए बाबुल चौधरी और शूटर सौरभ उपाध्याय से गहन पूछताछ के बाद नगर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

सिग्नल ऐप के जरिए होती थी गोविंद की रेकी

जांच में सामने आया है कि सौरभ उपाध्याय गोविंद शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखता था और सिग्नल ऐप के जरिए बाबुल चौधरी को लगातार जानकारी देता था. इसी आधार पर पूरी हत्या की योजना तैयार की गई.

हथियार खरीदने के लिए गोविंद को दिए थे एक लाख रुपये

पुलिस को दिए स्वीकारोक्ति बयान में सौरभ ने बताया कि वर्ष 2023 में उसने अपनी सुरक्षा के लिए हथियार खरीदने की योजना बनाई थी. समस्तीपुर के निशांत के माध्यम से उसकी मुलाकात गोविंद शर्मा से हुई थी.

गोविंद ने दो लाख रुपये में हथियार उपलब्ध कराने की बात कही थी. सौरभ के अनुसार उसने 20 हजार रुपये बैंक से लोन लेकर और 80 हजार रुपये दोस्तों से उधार लेकर गोविंद को दिए थे. लेकिन गोविंद ने न तो हथियार दिया और न ही रुपये लौटाए.

बनारस बैंक चौक के पास बनी हत्या की साजिश

सौरभ ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में उसकी मुलाकात बाबुल चौधरी से बनारस बैंक चौक पर हुई थी. रिश्ते के मामा अमित पांडेय उर्फ अंकित त्रिपाठी के माध्यम से दोनों की पहचान हुई.

मुलाकात के दौरान बाबुल ने कहा कि यदि उसके साथ रहना है तो गोविंद को मारना होगा, अन्यथा गोविंद उसे मरवा देगा. सौरभ ने बताया कि उसकी प्रेमिका आयशा शेख की हत्या के लिए भी वह गोविंद को जिम्मेदार मानता था. इसी कारण वह हत्या की साजिश में शामिल हो गया.

30 अप्रैल को ही हो सकती थी हत्या

सौरभ ने बताया कि 30 अप्रैल को ही पटना के नंदन अपार्टमेंट में गोविंद की हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस दिन मौका नहीं मिला. इसके बाद बाबुल चौधरी ने उसे अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर में गोविंद के फ्लैट की जानकारी दी. योजना के तहत सौरभ ने उसी इमारत के चौथे तल पर फ्लैट नंबर 506 किराए पर ले लिया. इसका पूरा खर्च बाबुल चौधरी उठा रहा था.

पांच सिम, तीन मोबाइल और चार पिस्टल

आठ मई को बाबुल चौधरी ने सौरभ को पांच सिम कार्ड, दो कीपैड मोबाइल और एक एंड्रॉयड फोन उपलब्ध कराया. 30 मई की रात बाबुल और वैभव ने उसे चार पिस्टलों से भरा बैग और एक स्कूटी सौंपी. सौरभ ने बताया कि फ्लैट में पहुंचने के बाद चारों पिस्टलों में कारतूस भरे गए और उन्हें तोशक के नीचे छिपाकर रखा गया.

हत्या की रात शराब, चिकन और अंतिम तैयारी

हत्या से पहले बाबुल चौधरी ने दोनों शूटरों के लिए चिकन, शराब और नकद रुपये भेजे थे. दोनों ने खाना खाने के बाद गोविंद के आने का इंतजार किया. रात करीब 9:50 बजे राजा सिंह ने सूचना दी कि गोविंद की स्विफ्ट डिजायर कार आइकॉन टावर परिसर में प्रवेश कर चुकी है.

सीढ़ियों से बरसाईं गोलियां

गोविंद कार पार्क कर जैसे ही सीढ़ियों की ओर बढ़ा, तीसरी मंजिल से सौरभ और दूसरी मंजिल से राजा सिंह ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी. पहली गोली गोविंद के सीने में लगी. घायल होने के बावजूद वह जान बचाने के लिए बेसमेंट की ओर भागा. दोनों शूटर उसका पीछा करते हुए नीचे पहुंचे.

चार गोलियां लगने के बाद भी करता रहा मुकाबला

सौरभ के अनुसार चार गोलियां लगने के बाद भी गोविंद ने उसका गला पकड़ लिया था. एक हाथ से वह सौरभ का गला दबा रहा था और दूसरे हाथ से गार्ड की कुर्सी उठाकर हमला कर रहा था.

इस दौरान सौरभ की पिस्टल बार-बार मिस फायर हो रही थी. उसने राजा सिंह को मदद के लिए आवाज दी. इसके बाद राजा सिंह ने गोविंद के सिर में गोली मारी. गोविंद के गिरने के बाद उसके सिर, कान, गाल और सीने पर कई गोलियां दागी गईं.

हत्या के बाद हथियार छिपाए गए

हत्या के बाद दोनों शूटर स्कूटी से भाग निकले. अमर सिनेमा रोड में बाबुल चौधरी उनका इंतजार कर रहा था. उसने सभी मोबाइल और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए.इसके बाद वे पुरानी गुदरी स्थित मनीष के घर पहुंचे, जहां चारों हथियारों को छत पर मच्छरदानी में लपेटकर छिपा दिया गया. घटना के समय पहना गया शर्ट भी फेंक दिया गया.

नेपाल भागने के दौरान पकड़ा गया सौरभ

सौरभ ने बताया कि घटना के अगले दिन वह बैरिया बस स्टैंड से बस पकड़कर पटना चला गया. बाद में उसे जानकारी मिली कि मामले में बाबुल चौधरी का नाम सामने आ चुका है. इसके बाद वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रक्सौल बॉर्डर बंद होने के कारण रेलवे स्टेशन के पास रुक गया. वहीं पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

अपराध की दुनिया में कैसे पहुंचा सौरभ

सौरभ स्नातक तक पढ़ा है. उसके एक चाचा इंडोनेशिया में इंजीनियर हैं जबकि दूसरे चाचा गांव में किराना दुकान चलाते हैं. पुलिस के अनुसार महंगे कपड़ों और गाड़ियों के शौक के कारण वह वर्ष 2021 में पहली बार बैंक डकैती के मामले में गिरफ्तार हुआ था. जेल से बाहर आने के बाद कुछ समय फाइनेंस कंपनी में काम किया, लेकिन बाद में फिर अपराध की दुनिया में लौट गया.

सिलिगुड़ी भाग गया था बाबुल चौधरी

बाबुल चौधरी ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद उसने राजा सिंह को 25 हजार रुपये दिए थे. हथियार ठिकाने लगाने के बाद वह पहले अपने दोस्त राजा साहू के साथ समस्तीपुर जिले के ताजपुर स्थित ननिहाल गया और फिर सिलिगुड़ी चला गया.

जब उसे पता चला कि प्राथमिकी में उसका नाम आ चुका है, तो वह वहां से भागकर दरभंगा पहुंचा. आगे कहीं और निकलने की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

जमीन विवाद बना हत्या की वजह

बाबुल चौधरी ने पुलिस को बताया कि मिठनपुरा स्थित मददानी गली की तीन कट्ठा जमीन के मामले में गोविंद शर्मा उससे 25 लाख रुपये और 10 धुर जमीन की मांग कर रहा था.

इसके अलावा कलमबाग चौक स्थित 15 कट्ठा जमीन और विश्वविद्यालय क्षेत्र में उसकी ठेकेदारी छोड़ने का भी दबाव बनाया जा रहा था. बाबुल का आरोप है कि गोविंद ने उसकी हत्या के लिए भी शूटर लगा रखा था.

पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. फरार शूटर राजा सिंह और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.

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