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जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर हमला, बोले - किसानों के बिल पर फैला रहे भ्रम

Updated at : 15 Feb 2026 1:43 PM (IST)
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Bihar News

Jitan Ram Manjhi and Rahul Gandhi

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने न केवल राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाया है, बल्कि उनके मानसिक दृष्टिकोण को लेकर बेहद तल्ख टिप्पणी भी कर डाली. गया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी को जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है और वे जनता को गुमराह कर रहे हैं.

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Bihar Politics: बिहार के गया में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला.

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस बिल को राहुल गांधी किसानों के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं, वह असल में अधिकांश लोगों के हित में है और विपक्ष इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रहा है.

‘उल्टी खोपड़ी’ वाली उपमा

गया शहर के एसएसपी कोठी के पास एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे जीतन राम मांझी मीडिया से मुखातिब थे. जब उनसे राहुल गांधी द्वारा किसान बिल की आलोचना पर सवाल पूछा गया, तो मांझी खुद को रोक नहीं पाए.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कल रात जब वे इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे, तो उन्हें अहसास हुआ कि राहुल गांधी की खोपड़ी ही उल्टी है. मांझी के मुताबिक, राहुल गांधी उस सच को देख ही नहीं पा रहे हैं जो करोड़ों किसानों के भविष्य से जुड़ा है.

95 बनाम 5 का गणित- मांझी का तर्क

केंद्रीय मंत्री ने बिल का बचाव करते हुए एक दिलचस्प आंकड़ा पेश किया. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान बिल से देश के 95 प्रतिशत लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है. मांझी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महज 5 प्रतिशत मामलों में लेन-देन या तकनीकी दिक्कतें हो सकती हैं, जिन्हें राहुल गांधी बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं.

उनका तर्क था कि अगर एक बड़े बहुमत (95%) का भला हो रहा हो, तो छोटे से हिस्से की कमियों को आधार बनाकर पूरे बिल को खारिज करना तर्कसंगत नहीं है.

विपक्ष पर भ्रम फैलाने का बड़ा आरोप

मांझी ने राहुल गांधी और समूचे विपक्ष पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन कांग्रेस इसे नुकसानदेह बताकर राजनीति कर रही है.

मांझी का मानना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे जनहित की योजनाओं को भी विवादों के घेरे में खींच रहे है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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