Nitish Kumar: राजभवन में बुधवार की दोपहर 2 बजे शपथ लेंगे नीतीश कुमार, 8वीं बार संभालेंगे बिहार की कमान

राजभवन में बुधवार की दोपहर दो बजे नीतीश कुमार (Nitish Kumar ) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. नीतीश कुमार बिहार में 22 वर्षों से बतौर मुख्यमंत्री है. इससे पहले उन्होंने 7 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इस बार यह आठवां अवसर होगा जब वे फिर से बिहार की कमान संभालेंगे.
बिहार की राजनीति में एक बड़ा घमासान मच गया है. यहां सत्ता पर काबिज जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गठबंधन अब टूट गया है. अब नीतीश कुमार तेजस्वी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं. बुधवार की दोपहर दो बजे राजभवन में नीतीश कुमार 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
नीतीश कुमार कल बुधवार की शाम चार बजे राजभवन में नीतीश कुमार 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बता दें कि नीतीश कुमार बिहार में 22 वर्षों से बतौर मुख्यमंत्री है. इससे पहले उन्होंने 7 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इस बार यह आठवां अवसर होगा जब नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार की कमान संभालेंगे.
नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने थे. जब वो पहला बार मुख्यमंत्री बने थे तो उनके पास बहुमत नहीं था. और मात्र सात दिन बाद ही उनकी सरकार गिर गई थी. इसके बाद उनका दूसरा कार्यकाल 24 नवंबर 2005 से शुरू हुआ. और एक मुख्यमंत्री के रूप में उनका यह कार्यकाल 24 नवंबर 2010 तक चला था.
नीतीश कुमार तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ उन्होंने 26 नवंबर 2010 को ली थी. लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की जबरदस्त हार हुई थी. उन्होंने पार्टी की हाक की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था. और उस समय उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था. इसके बाद चौथी बार नीतीश कुमार ने 22 फरवरी 2015 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था.
नीतीश कुमार ने पांचवी बार नीतीश कुमार 20 नवंबर 2015 को मुख्यमंत्री बने. यह राजद के साथ गठबंधन सरकार थी. तेजस्वी यादव इसमें उप मुख्यमंत्री थे. दरअसल साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और लालू यादव की आरजेडी के बीच महागठबंधन बना था जिसने चुनाव में शानदार जीत दर्ज की.
नीतीश कुमार ने 16 नवंबर 2020 को सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 2020 का चुनाव उन्होंने भाजपा के साथ लड़ा था. हालांकि नीतीश कुमार का पार्टी जदयू का प्रदर्शन अच्छा नहीं था फिर भी भाजपा-जदयु गठबंधन के वो सर्वसम्मत मुख्यमंत्री चुने गए थे.
जानकारी के अनुसार किसी एक घटना की वजह से नहीं बल्कि पिछले डेढ़ साल में जिस तरह से बीजेपी और जेडीयू (BJP-JDU) अलग-अलग मुद्दों पर आमने सामने आए हैं, वह सभी इस दूरी को बढ़ाते चले गये हैं. हाल फिलहाल की घटनाओं की बात की जाए तो पहले स्पीकर के साथ नीतीश की कहा सुनी, उसके बाद अग्निपथ योजना के दौरान बीजेपी नेताओं के द्वारा नीतीश पर सवाल उठाना और उसके बाद उन तामम नेताओं को केंद्रीय सुरक्षा प्रदान करना एक तरह से बिहार सरकार पर सवाल उठाने जैसा था.
2015 में बना चुके हैं RJD के साथ सरकार
अगर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और आरजेडी एक साथ मिलकर सरकार बनाते हैं तो यह पहली बार नहीं होगा। नीतीश ने लालू यादव के साथ मिलकर साल 2015 में भी बिहार में सरकार बनाई थी और उस सरकार में लालू यादव के दोनो बेटे मंत्री थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने कांग्रेस और आरजेडी के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया था, जिसके बिहार में वह चेहरा थे। चुनाव के बाद जीत मिली और उन्होंने सूबे में सरकार बना ली थी। हालांकि ये गठबंधन ज्यादा दिनों तक चला नहीं और 26 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ दिया और बीजेपी के साथ सरकार बना ली।
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