मुजफ्फरपुर: सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ी साजिश नाकाम, चैपमैन स्कूल में फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी पकड़ा गया

Updated:
विज्ञापन

AI जेनरेटेड फोटो

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के चैपमैन स्कूल परीक्षा केंद्र में सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी के प्रवेश से हड़कंप मच गया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

Bihar Police Constable Exam: मुजफ्फरपुर में रविवार को आयोजित केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा के दौरान एक बड़ी गड़बड़ी समय रहते पकड़ ली गई. परीक्षा शुरू होने से पहले चैपमैन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में खुद को बायोमेट्रिक कर्मी बताकर एक युवक अंदर पहुंच गया. जांच में उसकी पहचान फर्जी कर्मी के रूप में होने के बाद पूरे केंद्र पर हड़कंप मच गया.

ये भी पढ़ें: मधुबनी में सरफुद्दीन हत्याकांड: 12 दिन बाद मिला सड़ा-गला शव, शत्रुपट्टी में मातम; नानी बोलीं- “मेरा बाबू वापस ला दो”

आधिकारिक टीम के पहुंचते ही खुला पूरा मामला

चैपमैन स्कूल (परीक्षा केंद्र कोड-2110) पर युवक ने दावा किया कि वह अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने आया है.

इसी दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और वीडियोग्राफी की आधिकारिक एजेंसी के जिला प्रमुख शुभम कुमार उर्फ शुभम शशि केंद्र पर पहुंचे. उन्होंने केंद्राधीक्षक को बताया कि जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के तेलिया डीह निवासी जयप्रकाश कुमार उनकी अधिकृत टीम का सदस्य नहीं है और उसका परीक्षा केंद्र के भीतर मौजूद होना पूरी तरह अनधिकृत है.

आरोपी जय प्रकाश कुमार

तत्काल हरकत में आया प्रशासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी के साथ तत्काल विचार-विमर्श किया गया. इसके बाद केंद्राधीक्षक रेखा शर्मा ने मिठनपुरा थाना पुलिस को सूचना दी.

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजय कुमार मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया. इसके बाद सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई. बाद में डीआईयू की टीम आरोपी को पूछताछ के लिए थाने ले गई.

ये भी पढ़ें: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा: बेतिया में डिजिटल डिवाइस से नकल करते अभ्यर्थी गिरफ्तार

परीक्षा की गोपनीयता पर उठे सवाल

केंद्राधीक्षक रेखा शर्मा ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि किसी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति का परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच जाना परीक्षा की गोपनीयता के लिए गंभीर खतरा था.

उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो परीक्षा में कदाचार, डिजिटल स्कैम या अन्य अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था.

क्या किसी बड़े रैकेट से जुड़ा है आरोपी?

पुलिस को आवेदन के साथ आरोपी से जुड़े दस्तावेज और अधिकृत बायोमेट्रिक कर्मियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है.

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जयप्रकाश कुमार किसी संगठित नकल या परीक्षा रैकेट का हिस्सा है या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश कैसे मिला और क्या किसी ने उसकी मदद की थी.

मोबाइल की भी हो रही जांच

पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकते हैं.

फिलहाल डीआईयू और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय था.

ये भी पढ़ें: क्या आपने देखा है पटना का 2500 साल पुराना इतिहास? इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर रह जाएंगे हैरान

विज्ञापन
Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन