PHOTOS: सासाराम के बाबा दूजेश्वर नाथ धाम की अनसुनी कहानी, 14 फीट का शिवलिंग, शिव परिवार और साल में एक बार खुलता है गर्भगृह

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सासाराम का बाबा दूजेश्वर नाथ धाम अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां 14 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है और गर्भगृह साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि पर खुलता है।
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सासाराम के बाबा दूजेश्वर नाथ धाम

सासाराम का बाबा दूजेश्वर नाथ धाम अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां 14 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है और गर्भगृह साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि पर खुलता है।

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विशाल शिवलिंग के साथ विराजमान है बाबा दूजेश्वर नाथ का मुख्य मंदिर
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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर का मुख्य परिसर और गर्भगृह में स्थापित विशाल शिवलिंग

विशाल शिवलिंग के साथ विराजमान है बाबा दूजेश्वर नाथ का मुख्य मंदिर

सासाराम के मुरादाबाद स्थित बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर का मुख्य परिसर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मंदिर के गर्भगृह में करीब 14 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग स्थापित है. मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती और शिव परिवार की अन्य प्रतिमाएं भी विराजमान हैं. सावन में यहां दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की सीढ़ियों से होकर भक्त गर्भगृह तक पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं. सुबह से ही मंदिर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो जाती है. सावन की सोमवारी पर यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है.

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शिव दरबार में विराजमान गणपति, भक्तों की आस्था का केंद्र
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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा

शिव दरबार में विराजमान गणपति, भक्तों की आस्था का केंद्र

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा भी स्थापित है. पीले वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित गणपति की प्रतिमा भक्तों का ध्यान खींचती है. श्रद्धालु भगवान गणेश का दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं. मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाएं होने से धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. सावन के दौरान मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु शिवलिंग के साथ गणपति का भी दर्शन करते हैं. पूजा के दौरान भक्त भगवान से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.

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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर में माता पार्वती का दिव्य स्वरूप
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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में विराजमान माता पार्वती की प्रतिमा

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर में माता पार्वती का दिव्य स्वरूप

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में माता पार्वती की सुंदर प्रतिमा स्थापित है. लाल परिधान और चुनरी में सजी माता पार्वती की प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की मौजूदगी शिव परिवार की पूर्णता को दर्शाती है. सावन के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु माता पार्वती का भी दर्शन करते हैं. भक्त माता के समक्ष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं. मंदिर परिसर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं यहां की धार्मिक आस्था को और खास बनाती हैं.

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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा
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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में विराजमान भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भगवान कार्तिकेय की आकर्षक प्रतिमा भी स्थापित है. पीले वस्त्रों और मुकुट से सुसज्जित भगवान कार्तिकेय का स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाओं के साथ कार्तिकेय की मौजूदगी धार्मिक महत्व को और बढ़ाती है. सावन के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान कार्तिकेय का भी दर्शन करते हैं. भक्त श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर में शिव परिवार के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बने हुए हैं.

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साल में एक बार खुलता है बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर का गर्भगृह
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बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर के गर्भगृह तक जाने वाला सीढ़ीनुमा रास्ता

साल में एक बार खुलता है बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर का गर्भगृह

बाबा दूजेश्वर नाथ मंदिर का गर्भगृह सीढ़ियों के नीचे स्थित है, जहां पहुंचने के लिए संकरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है. मंदिर के पुजारी के अनुसार गर्भगृह को साल में एक बार महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा के लिए खोला जाता है. इस दौरान यहां विशेष अनुष्ठान और पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता के अनुसार गर्भगृह में महिलाओं का प्रवेश नहीं होता और केवल पुरुष श्रद्धालु ही यहां पूजा करते हैं. सावन में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के बीच गर्भगृह को लेकर विशेष जिज्ञासा रहती है. मंदिर की यह परंपरा बाबा दूजेश्वर नाथ धाम को अन्य शिवालयों से अलग पहचान देती है.

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