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‘गद्दारों को माफ नहीं करेगी जनता’, वक्फ बिल पास होने पर JDU और चिराग पर भड़के सांसद

Updated at : 05 Apr 2025 4:54 PM (IST)
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Waqf Bill : वक्फ बिल के संसद से पास होने पर कांग्रेस सांसद ने एनडीए में शामिल पार्टियों पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इन दलों की राजनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ये लोग सत्ता की खातिर भाजपा की सांप्रदायिक सोच के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं.

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Waqf Bill : संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से ही विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और उनकी सहयोगियों पर हमलावर है. इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने जदयू, लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं को मुसलमानों का गद्दार बताया है. उन्होंने दावा किया कि ये पार्टियां भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति की राह पर चल रही हैं और वक्फ के मुद्दे पर केंद्र का साथ देकर इन दलों ने बिहार की गंगा-जमुनी तहजीब पर भी चोट करने का काम किया है. 

 कटिहार से सांसद तारिक अनवर
कटिहार से सांसद तारिक अनवर

विश्वासघात को माफ नहीं करेगी बिहार की जनता : अनवर 

उन्होंने कहा कि इन तीनों दलों की राजनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ये लोग सत्ता की खातिर भाजपा की सांप्रदायिक सोच के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं. बिहार की जनता इस विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी. उन्होंने कांग्रेस की तरफ से कई सवाल पूछते हुए कहा कि ये सवाल बिहार की जनता की ओर से कांग्रेस पूछना चाहती है. उन्होंने कहा कि क्या यह सही नहीं है कि भाजपा समेत इन तीनों दलों ने वक्फ अधिनियम 1995 (संशोधन 2013) का संसद के दोनों सदनों में समर्थन किया था? यदि हां, तो आज उसे गलत कैसे ठहरा सकते हैं? यही नहीं, 1995 के वक्फ कानून में महिलाओं को दो या अधिक स्थान देने का प्रावधान था, तो फिर नए कानून में इसे घटाकर दो तक क्यों सीमित कर दिया गया?

लगा दी सवालों की झड़ी 

उन्होंने एक अन्य सवाल में पूछा कि संशोधन 2013 की धारा 52(ए) के अनुसार वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों को दो साल का कठोर कारावास और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया था, तो फिर अब कठोर शब्द हटाकर और जमानती बनाकर किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि क्या वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 83(9) उच्च न्यायालय को स्वत संज्ञान लेने का अधिकार नहीं देती? फिर, यह भ्रामक प्रचार क्यों फैलाया गया कि अदालत संज्ञान नहीं ले सकती?

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काले कानून की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस 

उन्होंने पूछा कि क्या नया वक्फ कानून बिहार की सांप्रदायिक सद्भावना पर सीधा हमला नहीं है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस काले कानून का पुरजोर विरोध करती है और बिहार की गंगा-जमुनी तहज़ीब की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ी रहेगी. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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