खगड़िया में 2005 से लेकर 2015 के बीच बहाल हुए नियोजित शिक्षकों का फोल्डर गायब,लटक रही गिरफ्तारी की तलवार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Dec 2022 10:59 PM

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Bihar Niyojit Shikshak: खगड़िया के विभिन्न प्रखंडों में 2005 से लेकर 2015 तक बहाल 2 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों के फोल्डर को गायब कर दिया गया है. फोल्डर नहीं मिलने से निगरानी जांच प्रभावित हो रही है.

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Bihar News: खगड़िया में वर्ष 2005 से लेकर 2015 तक बहाल 2093 नियोजित शिक्षकों का फोल्डर खोजने में शिक्षा विभाग के अधिकारी हांफ रहे हैं. इधर, बार बार पत्र भेजने के बाद भी दो हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों का फोल्डर नहीं मिलने से निगरानी जांच बाधित है.

जांच के डंडे से बचने के लिए गायब किया गया फोल्डर

कहा जाता है कि निगरानी जांच के डंडे से बचने के लिए नियोजन इकाई की मिलीभगत से फोल्डर गायब कर दिया गया है. दो दिन पहले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी डीइओ व डीपीओ स्थापना को पत्र भेजकर बाकी बचे सभी नियोजित शिक्षकों का फोल्डर जमा करने का कड़ा निर्देश दिया है. जिसके बाद डीपीओ स्थापना ने 10 दिनों में दूसरी बार सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र जारी कर हर हाल में सात दिनों के अंदर बाकी बचे सभी नियोजित शिक्षकों का फोल्डर विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है. डीपीओ स्थापना निशीथ पी सिंह ने कहा कि यह अंतिम समय है. अब जिन प्रखंडों से सभी फोल्डर जमा नहीं होंगे, वहां के बीइओ सहित संबंधित नियोजन इकाई पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी

अपर मुख्य सचिव ने साफ लहजे में कहा है कि हर हाल में सभी नियोजित शिक्षकों का फोल्डर जमा नहीं होने पर प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई का आदेश दिया है. पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर नियोजित शिक्षकों के सभी शैक्षणिक अंक पत्र/ प्रमाण-पत्र की जांच निगरानी विभाग द्वारा किया जा रहा है.

फोल्डर के फेर में निगरानी से लेकर शिक्षा विभाग परेशान

जिले से नियोजित उच्चतर माध्यमिक शिक्षक-22 माध्यामिक शिक्षक प्राथमिक शिक्षक- 1965 कुल 2013 मेधा सूची सहित अब तक नहीं सौंपा गया है. नतीजतन, हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में देरी हो रही है. डीपीओ स्थापना ने 2006-15 के बीच नियोजित शिक्षकों सभी शैक्षणिक अंक पत्र, प्रमाण पत्र सहित फोल्डर सत्यापित करते हुए सभी बीइओ को एक सप्ताह केअंदर जमा करने का निर्देश दिया है. पत्र में कहा गया है कि पत्र निर्गत की तिथि से सात दिनों के बाद बाकी बचे सभी शिक्षकों के अभिलेख/फोल्डर नहीं सौंपने वाले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पर स्थानीय थाना में उपयुक्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी जायेगी.

पटना हाइकोर्ट के आदेश पर हो रही है शिक्षक नियोजन की जांच

बता दें कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर 2006 से 2015 के बीच नियोजित होने वाले सभी शिक्षकों के शैक्षणिक सहित अन्य प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है. खगड़िया में निगरानी द्वारा शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेजकर खगड़िया के विभिन्न प्रखंडों के 2000 से अधिक नियोजित शिक्षकों का फोल्डर सौंपने को कह चुका है लेकिन अब तक नहीं सौंपा गया है. बताया जाता है कि इन फोल्डरों को गायब कर दिया गया है. इधर, जांच पूरी कर ऐसे शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने, नौकरी से हटाने सहित अन्य कार्रवाई में देरी हो रही है. इधर, जांच में देरी का फायदा उठाते हुए सैकड़ों फर्जी शिक्षक मजे से वेतन उठा रहे हैं. अब अपर मुख्य सचिव के कड़े रूख के बाद शिक्षा विभाग से लेकर फर्जी तरीके से बहाल शिक्षको में खलबली मची हुयी है.

इतने शिक्षकों का नहीं मिल रहा फोल्डर

  • उच्चतर माध्यमिक शिक्षक – 02

  • माध्यमिक शिक्षक –   98

  • प्राथमिक शिक्षक-  1993

  • कुल =  2093

डीपीओ बोले

खगड़िया में वर्ष 2005 से 2015 तक नियोजित 2093 शिक्षकों का फोल्डर जमा करने के लिए सात दिनों के अंदर दूसरी बार सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पत्र के आलोक में एक बार फिर बुधवार को सभी बीइओ को फिर से पत्र भेजकर बाकी बचे 2 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों के फोल्डर हर हाल में सात दिनों अंदर जमा करने का निर्देश दिया गया है. जिन प्रखंडों से बाकी बचे सभी नियोजित शिक्षकों के फोल्डर तय समय सीमा के अंदर जमा नहीं होते हैं, वहां के शिक्षा पदाधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

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