अपार कार्ड क्या है? बिहार में 25 लाख बच्चों का क्यों नहीं बन पा रहा? जानिए सबकुछ...

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 22 Nov 2024 12:56 PM

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Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे करीब 25 लाख ऐसे बच्चे हैं, जिनके आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं. ऐसे में इनके परमानेंट एजुकेशन नंबर जनरेट करने और अपार कार्ड बनाने में समस्या आ रही है.

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Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे करीब 25 लाख ऐसे बच्चे हैं, जिनके आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं. आधार संख्या नंबर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड नहीं है. ऐसे में इनके परमानेंट एजुकेशन नंबर जनरेट करने और अपार कार्ड बनाने में समस्या आ रही है. बता दें कि शिक्षा मंत्रालय ने सभी बच्चों को वन नेशन वन आईडी के तहत ‘अपार आईडी कार्ड’ अनिवार्य किया है.

अपार आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य

अपार आईडी कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से अपार कार्ड बनाने के लिए सभी डीईओ को आदेश दिया गया है. जिन बच्चों का ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर आधार की प्रविष्टि हो गई है, उन बच्चों के आधार की प्रविष्टि यू- डायस पोर्टल पर भी कराई जाएगी. ऐसे में जिन बच्चों के पास आधार नहीं है उनका अपार कार्ड बनाने में समस्या आएगी.

जन्म प्रमाण-पत्र नहीं होने से आधार बनाने में दिक्कत

बच्चों का आधार कार्ड बनाने में उनका जन्म प्रमाण पत्र बाधा बन रहा है. जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने की वजह से आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है. सरकार की ओर से राज्य के हर प्रखंड के दो स्कूलों में बच्चों का आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है. इसके बावजूद भी बच्चों का आधार कार्ड बनवाने में अभिभावक उदासीनता दिखा रहे हैं.

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अपार कार्ड बनाने के लिए 25 तक चलेगा अभियान

अपार यानी स्वचालित स्थायी शैक्षणिक रजिस्ट्री (ऑटोमेटेड परमानेंट अकादमिक रजिस्ट्री) है. यह आधार कार्ड की तरह 12 अंकों का होगा. यह एक तरह का डिजिटल आईडी कार्ड है जो बचपन से लेकर पढ़ाई खत्म होने तक एक ही रहेगा. इसमें शैक्षिक रिकॉर्न शैक्षिक उपलब्धियों और शिक्षा संबंधित अन्य सारी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी.

बता दें कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने गुरुवार से जिला, प्रखंड, संकुल और विद्यालय स्तर पर बच्चों का अपार कार्ड बनाने का अभियान शुरू करने का आदेश 16 नवंबर को दिया था. गुरुवार से विभिन्न स्तरों पर अपार कार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है, जो 25 नवंबर तक चलेगा.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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