Bihar News: पटना जू हाई अलर्ट पर, बर्ड फ्लू के डर से बदला जानवरों का मेन्यू, एंट्री गेट पर जूतों की सख्त जांच

Patna Zoo on high alert
Bihar News: जू में एंट्री से पहले जूते-टायर होंगे सैनिटाइज, प्रशासन बोला—पशु-पक्षियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
Bihar News: पटना, बिहार की राजधानी में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की पसंदीदा जगह, संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) पर एक बार फिर बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है. दरभंगा और भागलपुर (नवगछिया) में संक्रमण की पुष्टि के बाद पटना जू प्रशासन ‘वार फुटिंग’ मोड पर आ गया है.
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बेजुबान पशु-पक्षियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जू के गेट पर बदली एंट्री व्यवस्था
बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए जू के मुख्य गेट और गेट नंबर-2 पर सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था की गई है. पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को पोटेशियम परमैग्नेट मिले पानी से सैनिटाइज करने के बाद ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है. इसके लिए गेट पर विशेष कार्पेट बिछाए गए हैं, ताकि बाहरी संक्रमण को रोका जा सके.
पक्षियों और जानवरों के भोजन में बड़ा बदलाव
संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए जू प्रशासन ने जानवरों और पक्षियों के खान-पान में भी अहम बदलाव किया है. एवियरी सेक्शन में मांसाहारी पक्षियों को अब चूजों की जगह चूहे दिए जा रहे हैं. वहीं मांसाहारी जानवरों के भोजन से चिकन को पूरी तरह हटाकर वैकल्पिक आहार शामिल किया गया है, ताकि किसी भी संभावित वायरस ट्रांसमिशन की आशंका न रहे.
एवियरी के आसपास रोजाना कीटाणुशोधन
जू के एवियरी सेक्शन और पक्षियों के बाड़ों के आसपास रोजाना चुना और पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव किया जा रहा है. इसके साथ ही जू में तैनात सभी कर्मचारियों के लिए दस्ताने, मास्क और अलग ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है. बाड़ों से बाहर निकलने के बाद कर्मियों को खुद को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं.
पहले भी बर्ड फ्लू का सामना कर चुका है पटना जू
पटना जू के इतिहास में यह पहला मौका नहीं है, जब बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया हो. दिसंबर 2018 में छह मोरों की मौत के बाद एच5एनए वायरस की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जू को करीब 20 दिनों तक बंद रखना पड़ा था. जनवरी 2019 के मध्य में हालात सामान्य होने पर जू को दोबारा खोला गया था.
जू प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लिया जा रहा.
Also Read: 30 दिनों के भीतर चकाचक होंगी पटना की 11 सड़कें, पथ निर्माण विभाग की तैयारी पूरी
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




