Bihar News: पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की एक और धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. यह पांचवीं बार है जब कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई है.
ताजा धमकी के बाद एहतियातन पटना सिविल कोर्ट को बंद कर दिया गया, जबकि न्यायाधीशों, वकीलों, विचाराधीन कैदियों और उनके परिजनों को तत्काल परिसर से बाहर भेज दिया गया.
ई-मेल से मिली धमकी, प्रशासन ने तुरंत खाली कराया कोर्ट
गुरुवार सुबह बिहार पुलिस और सिविल कोर्ट रजिस्टार को ई-मेल के जरिए सूचना मिली कि पटना और किशनगंज सिविल कोर्ट परिसर में विस्फोट किए जाएंगे. सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना किसी देरी के पटना सिविल कोर्ट को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी. कोर्ट परिसर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
तीन RDX आधारित विस्फोटक लगाने का दावा
सिविल कोर्ट रजिस्टार की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि 8 जनवरी 2026 को रजिस्ट्रार कार्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर के भीतर तीन आरडीएक्स आधारित विस्फोटक उपकरण लगाए जाने का दावा किया गया है. इसके बाद बार एसोसिएशन के सभी सदस्यों से तत्काल कोर्ट परिसर छोड़ने का अनुरोध किया गया.
पांचवीं बार मिली धमकी, पहले भी मच चुकी है अफरा-तफरी
पटना सिविल कोर्ट को यह पहली धमकी नहीं है. इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 को पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिससे उस समय भी कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.
इसके अलावा 28 अगस्त 2025 को भी ई-मेल के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें न्यायाधीशों के कक्ष और कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था.
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, हर एंगल से जांच
लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं. बम निरोधक दस्ता, पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर पहलू की जांच में जुटी हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकियां वास्तविक हैं या फिर कोर्ट परिसर में दहशत फैलाने की साजिश.

