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Bihar News: जून से 600 रुपये में घर बैठे मिलेगा जमीन का रजिस्ट्री पेपर, जानें पूरा अपडेट

Updated at : 03 Feb 2026 8:43 AM (IST)
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You will get the land registry paper sitting at home

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Bihar News: बिहार में अब आपको दादा-परदादा के जमाने के रजिस्ट्री पेपर या केवाला निकालने के लिए निबंधन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे. नीतीश सरकार जून महीने से एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिससे साल 1908 से लेकर अब तक के सभी रजिस्ट्री दस्तावेज महज एक क्लिक पर आपके मोबाइल या लैपटॉप पर होंगे.

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Bihar News: बिहार में जमीन से जुड़े दस्तावेज निकालने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है. राज्य के निबंधन कार्यालयों में सुरक्षित रखे गए वर्ष 1908 से अब तक के रजिस्ट्री पेपर जून महीने से ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे.

इससे लोगों को वर्षों पुराने दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्कैनिंग कार्य को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है.

जून से वेबसाइट पर मिलेंगे 100 साल से पुराने दस्तावेज

विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगले तीन महीनों में स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद जून से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://nibandhan.bihar.gov.in पर 1908 से अब तक के सभी उपलब्ध रजिस्ट्री दस्तावेज अपलोड कर दिए जाएंगे.

खास बात यह है कि वर्ष 1990 से 2005 तक के रजिस्ट्री पेपर पहले ही स्कैन कर ऑनलाइन किए जा चुके हैं, जबकि 2006 के बाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से कंप्यूटराइज्ड है.

600 रुपये में होगा ई-रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड

ऑनलाइन रजिस्ट्री दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आवेदक को खाता नंबर, प्लॉट नंबर सहित आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके बाद 600 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा. शुल्क भुगतान होते ही ई-रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड किया जा सकेग.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह डाउनलोड किया गया रजिस्ट्री पेपर सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के कार्यों में पूरी तरह मान्य होगा.

141 निबंधन कार्यालयों के 6 करोड़ दस्तावेज होंगे डिजिटल

राज्य के 141 निबंधन कार्यालयों में 6 करोड़ से अधिक रजिस्ट्री दस्तावेज सुरक्षित हैं. इन्हें चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किया जा रहा है. वर्ष 1908 से 1990 तक के करीब 82 वर्षों के दस्तावेजों की स्कैनिंग फिलहाल चल रही है. इसके लिए पांच चयनित एजेंसियां प्रमंडलवार काम कर रही हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर राज्य और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से खर्च वहन कर रही है.

लोगों की सबसे बड़ी परेशानी होगी खत्म

अब तक पुराने रजिस्ट्री पेपर निकालने के लिए मैनुअल आवेदन देना पड़ता था और लोगों को महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे. ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी. जमीन विवाद, बैंक लोन, कोर्ट केस या पारिवारिक बंटवारे जैसे मामलों में दस्तावेज निकालना अब आसान और पारदर्शी हो जाएगा.

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन

आवेदन के लिए विभागीय वेबसाइट पर नाम, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा. इसके बाद आवश्यक विवरण भरकर शुल्क जमा करने पर रजिस्ट्री दस्तावेज तुरंत डाउनलोड किया जा सकेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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