Bihar News: शराबबंदी के बीच ��िमिट में शराब की नसीहत, गयाजी से जीतनराम मांझी का बयान बना चर्चा का विषय

Updated:
विज्ञापन

Jitan Ram Manjhi

Bihar News: बिहार की पूर्ण शराबबंदी नीति के बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतनराम मांझी का एक बयान सियासी और सामाजिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है. उन्होंने खुले मंच से “लिमिट में शराब पीने” की बात कही, जिसके बाद बयान की व्याख्या और मंशा को लेकर बहस तेज हो गई है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन इस कानून और शराब को लेकर समय-समय पर आने वाले राजनीतिक बयान अक्सर सूबे का सियासी पारा चढ़ा देते हैं. इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी. गयाजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मांझी ने शराब के सेवन को लेकर ऐसी बात कह दी, जिसने न सिर्फ विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस छेड़ दी है.

आपके शहर में

विज्ञापन

मांझी ने स्पष्ट रूप से लोगों को ‘लिमिट’ में शराब पीने की नसीहत दी है, जिसे बिहार की वर्तमान आबकारी नीति के लिहाज से बेहद विवादास्पद माना जा रहा है.

गयाजी के मंच से आई ‘संयम’ की सीख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि नशा अगर जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो वह परिवार और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होता है. उन्होंने संयम पर जोर देते हुए कहा कि हर चीज की एक सीमा होती है और उसी दायरे में रहकर जीवन को संतुलित रखा जा सकता है.

मांझी के इस बयान को कुछ लोग सामाजिक सलाह के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे शराबबंदी कानून के मूल भाव से टकराता हुआ मान रहे हैं.

शराबबंदी के संदर्भ में बयान क्यों बना विवादित

बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है और कानून के तहत शराब का सेवन, भंडारण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसे में “लिमिट में शराब पीने” जैसी टिप्पणी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान कानून की बजाय सामाजिक व्यवहार पर केंद्रित था, लेकिन शब्दों के चयन ने इसे विवादित बना दिया.

मांझी के बयान के बाद विपक्ष और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे जमीनी हकीकत से जुड़ा बयान बताया, तो कुछ ने इसे शराबबंदी नीति को कमजोर करने वाला करार दिया. हालांकि अभी तक इस बयान को लेकर किसी आधिकारिक सफाई या खंडन की बात सामने नहीं आई है.

पहले भी बेबाक बयानों के लिए चर्चित रहे हैं मांझी

जीतनराम मांझी अपने सीधे और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. वे कई बार सामाजिक मुद्दों पर अलग नजरिया रखते हुए बयान देते रहे हैं, जो चर्चा और विवाद दोनों का कारण बनते हैं. गयाजी का यह बयान भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है.

फिलहाल सवाल यही है कि क्या यह बयान महज नशे के खिलाफ एक सामाजिक संदेश था या फिर शराबबंदी के बीच एक राजनीतिक असहजता पैदा करने वाला वक्तव्य, इस पर आने वाले दिनों में सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं.

Also Read: Bihar Police News: बिहार पुलिस 48 घंटे में वारदात का करेगी पर्दाफाश, DGP विनय कुमार ने सेट किया बड़ा टारगेट

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन