जन्म देने के बाद बच्चे का मुंह भी नहीं देख पायी थी मां, उठा ले गयी थी चोरनी, जानें कैसे बरामद हुआ नवजात

जेएलएनएमसीएच के प्रसूता वार्ड से बच्चा चोरी के मामले में भागलपुर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सफलता हासिल कर ली है. नवजात बच्चे के अपहरण के मामले में पहले तो पुलिस इसे बिल्कुल ब्लाइंड केस समझ रही थी.
भागलपुर: जेएलएनएमसीएच के प्रसूता वार्ड से बच्चा चोरी के मामले में भागलपुर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सफलता हासिल कर ली है. नवजात बच्चे के अपहरण के मामले में पहले तो पुलिस इसे बिल्कुल ब्लाइंड केस समझ रही थी. मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने घटनास्थल से ही एक संदिग्ध लेडिज बैग बरामद किया गया. बैग में पुलिस को एक बस टिकट और एक मोबाइल नंबर मिला. पुलिस ने उक्त दोनाें ही साक्ष्यों के आधार पर अग्रतर कार्रवाई शुरू की. मामले में पुलिस टीम ने गोड्डा निवासी महिला को गिरफ्तार कर गोड्डा के ही एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. इसे गुरुवार को ही उसकी मां को सुपुर्द किया गया.
जब मैं ऑपरेशन थियेटर जा रही थी, तो काफी खुश थी. बेहोश थी, इस कारण ऑपरेशन थियेटर से कब बाहर आयी, पता नहीं चला. लेकिन जब सोमवार को पूरी तरह होश में आयी, तो मेरा बच्चा मेरे पास था ही नहीं. मैं अपने परिजनों को बच्चे के बारे पूछती, तो पहले सभी बहाने बनाने लगे. बाद में बताया गया कि बच्चा चोरी हो गया है. काफी परेशान हो गयी. न भोजन ठीक लग रहा था और न दवा. बच्चे के बिछड़ जाने के गम में ऑपरेशन का दर्द भी महसूस नहीं हो रहा था. ये चार दिन मेरे कैसे गुजरे हैं, वह मैं ही जानती हूं. अब बच्चा मिला, तो मेरी जान में जान लौट आयी है. पुलिस मेरे बच्चे को वापस लाकर मुझे जीवनदान देने का काम किया है. यह बातें गुरुवार को चोरनी के पास से बच्चा वापस मिलने के बाद नवजात की मां काजल कुमारी ने पुलिस से कहा़ गुरुवार दोपहर काजल से मिलने व बच्चे को देखने सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी मायागंज अस्पताल पहुंचे थे.
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अधिकारी ने काजल से पूछा कि अब आप खुश हैं कि नहीं, आपका बच्चा मिल गया. काजल ने उत्साह के साथ कहा कि अगर बच्चा नहीं मिलता तो मेरी जान चली जाती, आपने मेरी जान लौटा दी. मौके पर बच्चे की दादी मंजू देवी व बच्चे के पिता लखपति तांती ने भी पुलिस से कहा कि आपका जितना धन्यवाद किया जाये, वह कम है. वहीं बच्चे को जैसे ही उसकी मां काजल कुमारी की गोद में दिया गया. उसकी आंखों से झरझर आंसू बहने लगे, वहीं चेहरे पर बच्चा मिलने की खुशी भी दिख रही थी.
बरामद बच्चे का इलाज इस समय शिशु विभाग में चल रहा है. जैसे ही एक बेड खाली होगा, नवजात को बच्चों के आइसीयू यानी नीकू वार्ड में शिफ्ट कर दिया जायेगा. शिशु विभाग के एचओडी डॉ केके सिन्हा ने वार्ड के सभी चिकित्सकों को बच्चे की सुरक्षा को लेकर सतर्क किया है. उन्होंने बताया कि अधीक्षक को कहा गया कि नवजात बच्चों की पहचान के लिए टैगिंग की व्यवस्था की जाये.
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सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने बताया कि बच्चे की बरामदगी करने के लिए गठित की गयी टीम का नेतृत्व वह खुद कर रहे थे. टीम में विधि व्यवस्था अंचल इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांशु, बरारी थानाध्यक्ष एआइ आशुतोष कुमार, कांड के अनुसंधानकर्ता एसआइ सूरज भूषण, ट्रेनी एसआइ राजकुमार, तकनीकी शाखा के एसआइ मिथिलेश कुमार चौधरी, एसआइ राजीव कुमार, सिपाही बच्चन कुमार शामिल थे. सिटी डीएसपी ने बताया कि टीम में शामिल सभी सदस्यों का नाम अवार्ड के लिए पुलिस मुख्यालय भेजा जायेगा. इसकी अनुशंसा एसएसपी और डीआइजी से की जायेगी.
सिटी डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार की गयी गोड्डा निवासी महिला ने बच्चा चोरी क्यों की, इसकी जांच की जा रही है. प्रथम जानकारी यह मिली है कि जिस महिला ने बच्चा चोरी की थी उसे केवल तीन बेटियां ही हैं और एक भी बेटा नहीं है. वहीं जो बच्चा चोरी हुआ था वह लड़का था. पर अभी पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है. महिला किसी बच्चा चोरों के सिंडिकेट से जुड़ी हुई है या बच्चा चोरी कर बेचती है, इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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