1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. bihar latest news cm nitish kumar addressed via web telecast on the occasion of world environment day

सीएम नीतीश ने 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर वेब टेलिकास्ट के जरिए किया संबोधित

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन वेब टेलिकास्ट के जरिए 'कोरोना-मानवता को प्रकृति का संदेश' विषय पर संबोधित किया.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन वेब टेलिकास्ट के जरिए 'कोरोना-मानवता को प्रकृति का संदेश' विषय पर संबोधित किया.
Prabhat khabar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन वेब टेलिकास्ट के जरिए 'कोरोना-मानवता को प्रकृति का संदेश' विषय पर संबोधित किया.

अपने संबोधन में सीएम नीतीश ने कहा कि 5 जून ऐतिहासिक दिन है. विश्व पर्यावरण दिवस के साथ-साथ इस दिन को सम्पूर्ण क्रांति दिवस एवं कबीर जयंती के रूप में भी मनाया जाता है.लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की सम्पूर्ण क्रांति और लोहिया जी की सप्तक्रांति में पर्यावरण का विशेष महत्व है.उन्होंने कहा कि 2005 के बाद बिहार में चलाये गये पल्स पोलियो अभियान को श्री बिल गेट्स सहित सभी लोगों ने सराहा था. झारखंड से बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण 9 प्रतिशत रह गया था. वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना की गयी और 24 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया जिसमें 22 करोड़ से ज्यादा वृक्षारोपण किया गया.

राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत हो गया है :

सीएम ने कहा कि अब राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत हो गया है और 17 प्रतिशत हरित आवरण प्राप्त करने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है. पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति पर विचार के लिए 13 जुलाई को 8 घंटे से ज्यादा वक्त तक चली सर्वदलीय बैठक में पर्यावरण संरक्षण एवं भू-जल संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने का निर्णय लिया गया.

जल-जीवन-हरियाली अभियान का बताया मतलब :

उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान का मतलब है जल और हरियाली के बीच जीवन है,यानि जल और हरियाली है तभी जीवन है. इस अभियान के अंतर्गत 11 सूत्री कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम की तारीफ श्री बिल गेट्स ने की थी. उन्हें आश्चर्य हुआ था कि बिहार पर्यावरण संरक्षण के प्रति इतना गंभीर है. नीतीश कुमार ने कहा कि गंगा नदी के पानी को अपलिफ्ट कर राजगीर, बोधगया, गया, नवादा में स्टोर किया जाएगा और उसे शुद्ध कर पेयजल के रूप में घरों में आपूर्ति की जायेगी.

2 करोड़ 51 लाख पौधे लगाए जाएंगे :

उन्होंने बताया कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र अपनाया गया है जिसे बिहार के सभी जिलों में अपनाया जा रहा है. फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कार्य किये जा रहे हैं. लोगों को फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. नीतीश कुमार ने कहा कि 9 अगस्त को बिहार पृथ्वी दिवस के दिन 2 करोड़ 51 लाख पौधे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं अन्य लोगों की सहभागिता से लगाये जायेंगे.

Posted by : Thakur Shaktilochan Sandilya

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें