Bihar online land registry: ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री के फायदे जानकर खुश हो जाएंगे आप, बचेंगे इतने हजार रुपये

Bihar land registry: मॉडल डीड पर रजिस्ट्री कराने का फायदा यह है कि डीड राइटर का शुल्क समेत कई तरह के खर्चे से क्रेता-विक्रेता बच जाते हैं. हिंदी या अंग्रेजी में दस्तावेज भी तैयार कर सकेंगे. फॉर्म में इनके कॉलम बने हैं. इसे आसानी से कोई भी भर सकता है.
भागलपुर: विभाग ने 100 प्रतिशत रजिस्ट्री (प्रोपर्टी) ऑनलाइन करने के लक्ष्य दिया है. लेकिन बिचौलियों के चलते इसकी गति तेज नहीं हो पा रही है. बिचौलिये एक तरफ प्रोपर्टी की खरीद-बिक्री में कमीशन (प्राय: दोनों पार्टियों से) लेते ही हैं, वहीं रजिस्ट्री के समय खरीदार को ऑफलाइन रजिस्ट्री कराने के लिए समझा-बुझा लेते हैं. बावजूद इसके जुलाई तक कुल रजिस्ट्री का 15 से 16 प्रतिशत रजिस्ट्री ऑनलाइन हुआ करती थी और एक महीने में यह आंकड़ा अब 20 फीसदी को पार कर गया है.
बता दें कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए लोगों को सहायता करने चार कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है. इसमें एक लिपिक, दो कंप्यूटर ऑपरेटर और एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हैं. लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के लिए मे आइ हेल्प काउंटर की व्यवस्था की गयी है.
विभाग ने 100 प्रतिशत प्रोपर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री (मॉडल डीड) करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना कर तैयार कर लिया गया है. 100 लोगों के बैठने का वातानुकूलित वेटिंग हॉल की व्यवस्था है. मे आइ हेल्प यू के चार काउंटर तैयार कर लिये गये हैं. भागलपुर में संयुक्त अवर निबंधक की नियुक्ति होगी. इसके लिए विभाग से जिला अवर निबंधक ने मांग की है. रजिस्ट्री कार्यालय में आनेवाले लोगों को अल्पाहार, चाय-कॉफी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी. यहां कैंटीन के दो कमरे बन कर तैयार हैं. इसे जीविका दीदियों का समूह संचालित करेगा.
मॉडल डीड पर रजिस्ट्री कराने का फायदा यह है कि डीड राइटर का शुल्क समेत कई तरह के खर्चे से क्रेता-विक्रेता बच जाते हैं. हिंदी या अंग्रेजी में दस्तावेज भी तैयार कर सकेंगे. जमीन या घर की बिक्री, पावर या किसी को घर जमीन दान के लिए दस्तावेज तैयार करने आदि को लेकर मॉडल डीड के तहत आवेदन किया जा सकता है. फॉर्म में इनके कॉलम बने हैं. इसे आसानी से कोई भी भर सकता है.
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सबसे पहले मे आइ हेल्प यू काउंटर से मॉडल डीड प्राप्त करें
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मॉडल डीड में क्रेता-विक्रेता का नाम व पता, संपत्ति की विवरणी आदि खुद या मे आइ हेल्प यू काउंटर की मदद से भरें
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मे-आई-हेल्प-यू काउंटर की मदद से संपत्ति का एमवीआर मूल्य व शुल्क की गणना करें
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स्वयं या मे-आई हेल्प-यू काउंटर की मदद से शुल्क रजिस्ट्री कार्यालय परिसर के एसीसी काउंटर या बैंक चालान या ऑनलाइन माध्यम से जमा करें
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स्वयं या मे आइ हेल्प यू काउंटर की मदद से मॉडल डीड तैयार कर ऑनलाइन एप्वाइंटमेंट प्राप्त करें
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निर्धारित तिथि व समय में मे आइ हेल्प यू काउंटर या काउंटर नंबर एक पर दस्तावेज प्रस्तुत करें
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आगे की प्रक्रिया स्वयं कंप्यूटराइज्ड प्रक्रिया के तहत कर ली जायेगी
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निबंधन के बाद अपना दस्तावेज लेना न भूलें
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http://nibandhan.bihar.gov.in/ वेबसाइट पर मिलेगा फॉर्म
जिला अवर निबंधक डॉ पंकज कुमार बसाक ने बताया कि मॉडल डीड के आधार पर रजिस्ट्री की संख्या बढ़ी है. हर दिन तकरीबन 70 से 80 रजिस्ट्री होती है. इसमें अब 20 से 25 रजिस्ट्री ऑनलाइन प्रक्रिया (मॉडल डीड) के तहत होती है. इसे शत-प्रतिशत करना है. मॉडल डीड से रजिस्ट्री प्रक्रिया बहुत ही आसान है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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