बिहार में सड़कों, पुलों के मेंटेनेंस को लेकर सरकार सख्त, लापरवाही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Updated at : 30 Jan 2022 6:56 AM (IST)
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बिहार में सड़कों, पुलों के मेंटेनेंस को लेकर सरकार सख्त, लापरवाही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मेंटेनेंस पॉलिसी को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है ताकि सड़कों के रखरखाव संबंधी लोगों की शिकायतों का निवारण हो सके.

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पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा है कि राज्य में सड़कों,पुलों और सरकारी भवनों के मेंटेनेंस में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें. पुलों का मेंटेनेंस हमेशा होना चाहिए. पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग आपस में विचार कर ब्रिज मेंटेनेंस पालिसी जल्द तैयार करें. उन्होंने कहा कि पहले सरकारी भवनों की क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं. हमलोगों ने इसे मेंटेन कर बेहतर बनाया है.

मुख्यमंत्री ने ये बातें शनिवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प मेंवीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग की मेंटेनेंस पॉलिसी से संबंधित समीक्षा बैठक में कहीं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सड़कों की मेंटेनेंस पॉलिसी को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है ताकि सड़कों के रखरखाव संबंधी लोगों की शिकायतों का निवारण हो सके. सड़कें मेंटेन रहेंगी तो अच्छी दिखेंगी और आवागमन भी सुलभ होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेंटेनेंस का काम विभाग द्वारा ही किया जाये. पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग जल्द से जल्द विभागीय अनुरक्षण नीति की कार्य योजना बनाएं. विभाग के इंजीनियर पथों के मेंटेनेंस में सक्रिय भूमिका निभाएं, इससे खर्च में कमी आयेगी साथ ही कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर होगी. चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक निरीक्षण ठीक ढंग से करें. विभागीय स्तर से सड़कों का बेहतर मेंटेनेंस किये जाने से इंजीनियरों की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ओपीआरएमसी के तहत जिन्हें मेंटेनेंस की जिम्मेवारी दी गयी है, उन सबकी सतत निगरानी करें. मेंटेनेंस को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न हो.

बैठक में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि राज्य में अच्छी सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण से ट्रेवल टाइम में कमी आयी है. शिक्षा, व्यापार, कृषि आदि क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास हुआ है. 21 फरवरी 2013 को ओपीआरएमसी (आउटपुट एंड परफार्मेस बेस्ड रोड ऐसेट मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) लाया गया. वर्ष 2018 में ओपीआरएमसी सेकंड फेज सात वर्षों के लिए लागू की गयी. ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बिहार ग्रामीण पथ विभागीय अनुरक्षण नीति की कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक लाख बीस हजार छह सौ किलोमीटर ग्रामीण पथ स्वीकृत है जिसमें एक लाख दो हजार किलोमीटर पथ निर्मित किया जा चुका है.

भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने सरकारी भवनों की मेंटेनेंस के संबंध में जानकार दी. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे. वहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि सहित अन्य वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे.

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