बिहार के किसानों को अब नहीं होगी बीज की समस्या, कृषि रोडमैप राज्य को बीज उत्पादन में बनाएगा आत्मनिर्भर

Updated at : 18 Dec 2022 2:36 AM (IST)
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बिहार के किसानों को अब नहीं होगी बीज की समस्या, कृषि रोडमैप राज्य को बीज उत्पादन में बनाएगा आत्मनिर्भर

कृषि विभाग की कुल जमीन का 90 फीसदी जमीन खाली है, इस पर बीज का उत्पादन कराया जायेगा. बीज उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को बिहार में लाया जायेगा. इसके लिये नियमों में उसे ढील दी जायेगी

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बिहार आने वाले पांच सालों में बीज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर हो जायेगा. आगामी चतुर्थ कृषि रोड मैप को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि बिहार के किसानों को बीज के लिये दूसरे राज्य पर निर्भर न रहना पड़े. कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने शुक्रवार को बिहार स्टेट सीड एंड आर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी (बसोका) के बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय सेमिनार में इसकी घोषणा की है.

विभाग की 90 फीसदी जमीन पर होगा उत्पादन 

मंत्री ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये अधिकारियों को रास्ता भी दिखाया है. कृषि विभाग की कुल जमीन का 90 फीसदी जमीन खाली है, इस पर बीज का उत्पादन कराया जायेगा. बीज उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को बिहार में लाया जायेगा. इसके लिये नियमों में उसे ढील दी जायेगी. केरल और तेलंगाना के कई कंपनियों से संपर्क साधा जायेगा. शर्त यही होगी कि उन कंपनी को बिहार में उत्पादित बीज का 50 फीसदी राज्य को ही देना होगा. कृषि मंत्री ने कहा है कि जिस जिला में जो फसल होती है, उस जिला के किसानों को उसी फसल का बीज उपलब्ध कराया जाये. बीज उत्पादन को नवाचार किया जायेगा.

बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाने का भी दिया निर्देश 

दलहनी एवं तलहनी फसलों का बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाने के निर्देश दिये हैं. चतुर्थ कृषि रोड मैप में पोषक अनाज, दलहन एवं तेलहन फसल के बीज के लिए विशेष प्रयास किया जायेगा. डाॅ एन विजयालक्ष्मी, संयुक्त सचिव (बीज), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2023 अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज के रूप में मनाया जायेगा. बिहार में कृषि विविधिकरण में पोषक अनाज का एक अपना महत्व है. कृषि में बीज उत्पादन के लिए पहले से रणनीति बनाने होती है.

17 हजार एकड़ में जैविक प्रमाणन

कृषि मंत्री ने भारत सरकार से बीज के प्रसंस्करण एवं भण्डार के केन्द्रीय योजनाओं में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. कृषि सचिव डॉ एन सरवण कुमार ने बताया कि बसोका द्वारा राज्य के अंदर जैविक प्रमाणन लगभग 17 हजार एकड़ में किया गया है. सात अन्य राज्यों में भी जैविक प्रमाणन का कार्य किया जा रहा है. कृषि निदेशक-सह-प्रबंधक निदेशक, बिहार राज्य बीज निगम डाॅ आदित्य प्रकाश, निदेशक, बसोका सुनील कुमार पंकज, उप निदेशक (शष्य), बीज, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे.

बिहार को 15 लाख क्विंटल बीज की जरूरत उत्पादन चार लाख

राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 15 लाख क्विंटन बीज की आवश्यकता होती है, परन्तु राज्य में मात्र लगभग 4.06 लाख क्विंटल बीज उत्पादन हो रहा है. इस कारण अन्य राज्यों से बीज लाकर जरूरत की जा रही है. मिशन 4.0 के तहत बीज उत्पादन निर्धारित लक्ष्य चार लाख क्विंटल के मुकाबले 3.06 लाख क्विंटल बीज प्राप्त कर ली गई है. बिहार राज्य बीज निगम की प्रसंस्करण क्षमता 8.30 लाख क्विंटल प्रतिवर्ष है.

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