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दो जगहों पर टूटा बूढ़ी गंडक का रिंग बांध, एक जगह तेज रिसाव

Updated at : 31 Jul 2020 9:27 AM (IST)
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दो जगहों पर टूटा बूढ़ी गंडक का रिंग बांध,  एक जगह तेज रिसाव

पकड़ीदयाल पिपरा में सिकरहना (बूढ़ी गंडक) नदी के पश्चिमी तटबंध से सटे रिंग बांध के टूटने से बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है. इससे सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है. इधर पिपरा के बैरिया बंजरिया में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूट गया है, जिसका दबाव मुख्य बांध पर पड़ रहा है. आधे दर्जन गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है.

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बेगूसराय : पकड़ीदयाल पिपरा में सिकरहना (बूढ़ी गंडक) नदी के पश्चिमी तटबंध से सटे रिंग बांध के टूटने से बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है. इससे सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है. इधर पिपरा के बैरिया बंजरिया में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूट गया है, जिसका दबाव मुख्य बांध पर पड़ रहा है. आधे दर्जन गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है. वहीं प्रभावित परिवार ने बांध पर शरण ले लिया है. उक्त रिंग बांध गुरुवार सुबह टूट गया. इससे सुंदरपट्टी पंचायत के वार्ड आठ के करीब सौ परिवार प्रभावित हुए हैं. गौरतलब है कि सुंदरपट्टी पंचायत के वार्ड 8 के सैकड़ों लोगों के घर बूढ़ी गंडक नदी के पश्चिमी भाग के पार है. उक्त टोले के चारों ओर एक रिंग बांध बना है. उसके सटे पश्चिम में महुअवा बैरिया पंचायत का बंजरिया गांव है. उक्त रिंग बांध के पश्चिम से बलवा मन के पानी का दबाव बना था, जिससे बांध टूट गया. अब रिंग बांध टूटने से पानी का दबाव सिकरहना नदी के पश्चिमी तटबंध पर बढ़ गया है. पंचायत के वार्ड आठ के सदस्य हिरामन साह ने बताया कि सौ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए है. बीडीओ सूरज कुमार नाव से उक्त स्थल का जायजा लिया तथा प्रभावित लोगों से मिले तथा आवश्यक सामग्री मुहैया करायी. उन्होंने बताया कि दर्जनों घरों के उपर तक पानी चढ़ गया है.

बूढ़ी गंडक के बायें तटबंध से तेज रिसाव जारी

खोदावंदपुर में बूढ़ी गंडक के बायें तटबंध में हो रहे तेज रिसाव से ग्रामीणों में तटबंध टूटने का भय व्याप्त है. लगातार हो रही बारिश एवं नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण बरियारपुर पश्चिमी मस्जिद के पास, सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर काली मंदिर के समीप, बाड़ा पंचायत के मिर्जापुर घाट एवं मेघौल पंचायत के बिदुलिया गांव स्थित बूढ़ी गंडक के बायें तटबंध से पानी का रिसाव लगातार जारी है. पानी का रिसाव देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ तटबंध पर जुट गयी है. जेइ के नेतृत्व में कुछ देर बाद ही स्थानीय लोगों के सहयोग से तटबंध में हो रहे रिसाव को बंद करने में मजदूर जुट गये.और प्लास्टिक बैग में मिट्टी भरकर रिसाव स्थल पर पीचिंग का कार्य जारी है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा के कनीय अभियंता रामप्रवेश कुमार ने बताया कि तटबंध की स्थिति अभी सामान्य है. लगातार बांध की निगरानी की जा रही है.

तटबंध में रिसाव के पानी से डूबी फसलें

बूढ़ी गंडक के बायें तटबंध में हो रहे रिसाव की पानी से दर्जनों बिगहा में लगी फसलें डूब गयी है. सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर काली मंदिर के समीप, बाड़ा पंचायत के मिर्जापुर चौक से पश्चिम, बरियारपुर पश्चिमी एवं मेघौल पंचायत के बिदुलिया गांव के दर्जनों किसानों के खेतों में लगी केला, मक्का, जनेरा, तील, ओल समेत अन्य फसलें डूब गयी है तथा मिर्जापुर चौक के निकट पानी के बहाव के रास्ते को कुछ लोगों के द्वारा जबरन बंद कर दिया गया है.

गंगा के जलस्तर में वृद्धि, बरंडी व कारी कोसी शांत

इधर, गंगा, बरंडी, कोसी व कारी कोसी नदी के जलस्तर में गुरुवार को उतार चढ़ाव रहा है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार गंगा नदी के रामायणपुर में गुरुवार की सुबह 27.03 मीटर दर्ज किया गया. दोपहर में यहां का जलस्तर 27.03 मीटर ही रहा. इसी नदी के काढ़ागोला घाट पर जलस्तर 29.76 मीटर दर्ज किया गया था. छह घंटे बाद दोपहर में यहां का जलस्तर 29.77 मीटर हो गया. बरंडी नदी का जलस्तर एनएच-31 के डूमर पर गुरुवार की सुबह 31.19 मीटर दर्ज किया गया. छह घंटे बाद दोपहर में जलस्तर 31.19 मीटर ही रहा. कोसी नदी का जलस्तर भी कुरसेला रेलवे ब्रिज पर स्थिर रहा है. गुरुवार की सुबह इस नदी का जलस्तर यहां 30.15 मीटर दर्ज की गयी. कारी कोसी नदी के चेन संख्या 389 में जलस्तर 27.76 मीटर दर्ज किया गया है.

लाल निशान से 100 सेंटीमीटर ऊपर बह रही महानंदा

कटिहार में महानंदा नदी के जलस्तर में गुरुवार को दूसरे दिन भी अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गयी है. जबकि गंगा नदी रामायणपुर में स्थिर है. यह नदी काढ़ागोला में बढ़ रहा है. कोसी, कारी कोसी व बरंडी नदी के जलस्तर स्थिर रहा है. महानंदा नदी पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 25 से 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. यह नदी सभी स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यह नदी दुर्गापुर में खतरे के निशान से 100 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जबकि बहरखाल एवं आजमनगर में यह नदी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर है. महानंदा नदी झौआ में 72 सेंटीमीटर एवं धबौल में 77 सेंटीमीटर तथा कुर्सेल में 63 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इस नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल चुका है. महानंदा तटबंध के भीतर बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी फैल चुका है. कदवा, आजमनगर, बलरामपुर, बारसोई, प्राणपुर, डंडखोरा आदि प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में है. कई लोगों के घर में पानी घुस चुका है. ऐसे लोग सड़क किनारे या ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए है.

posted by ashish jha

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