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Bihar Elections 2025: नामांकन की ‘सेफ्टी सेट’ ने बचाई सियासी लाज,39 सीटों पर रद्द हुए फॉर्म,संकट से बचे बड़े दलों के उम्मीदवार

30 Oct, 2025 10:17 am
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Bihar Elections 2025

Bihar Elections 2025

Bihar Elections 2025: कुछ दस्तावेज, कुछ तकनीकी खामी और पूरी उम्मीदवारी खतरे में. बिहार विधानसभा चुनाव के नामांकन जांच ने कई दलों को राहत की सांस दी है. जहां कई प्रत्याशी महज एक अतिरिक्त सेट के भरोसे चुनाव में टिके, वहीं कुछ की किस्मत फॉर्म की गलती ने पहले ही फंसा दी.

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Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कई दलों के उम्मीदवारों की सांस अटक गई थी. राज्य की कुल 39 सीटों पर भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, लेफ्ट, वीआईपी और लोजपा आर के प्रत्याशियों के एक या दो सेट नामांकन पत्र खारिज हुए. मगर इन नेताओं ने एक से अधिक सेट में नामांकन दायर कर अपनी दावेदारी बरकरार रखी. अगर उन्होंने यह सावधानी नहीं बरती होती तो इन सीटों से बड़े नेताओं का चुनावी सफर यहीं थम जाता.

39 सीटों पर हुआ झटका, पर बच गए प्रत्याशी

मुख्य निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यभर में 39 विधानसभा सीटों पर प्रमुख दलों भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, वामदल, वीआईपी और लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवारों के एक या दो सेटों में नामांकन रद्द हुए हैं. अगर इन प्रत्याशियों ने सिर्फ एक ही सेट में नामांकन किया होता, तो 39 में से कम से कम 35 सीटों पर मुकाबले का समीकरण बदल जाता.

सबसे अधिक फॉर्म रद्द राजद के 9 प्रत्याशियों के हुए हैं. वहीं भाजपा, जदयू और कांग्रेस के 6-6 उम्मीदवारों के नामांकन के कुछ सेट खारिज हुए हैं. माले के 7, सीपीआई के 1 और लोजपा (रामविलास) के 3 उम्मीदवारों के फॉर्म भी रद्द किए गए.

जिनके फॉर्म रद्द हुए, उनका चुनाव खत्म

नामांकन के कई सेटों में से एक भी सेट वैध रह जाए, तो उम्मीदवार चुनाव में बना रहता है. मगर कुछ के लिए यह सुरक्षा कवच नहीं बन सका. राजद, वीआईपी और लोजपा (रामविलास) के एक-एक प्रत्याशी के सभी सेटों के फॉर्म रद्द हो गए, जिसके चलते वे सीधे मैदान से बाहर हो गए हैं.

राजद के मोहनिया और सुगौली से उम्मीदवारों के नामांकन पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं. इसी तरह वीआईपी और लोजपा आर के एक-एक उम्मीदवार को भी नामांकन रद्द होने के कारण चुनावी मैदान से बाहर होना पड़ा.

बीजेपी को कहां-कहां थी मुश्किल

अगर भाजपा उम्मीदवारों ने एक से अधिक सेट नहीं भरे होते, तो पार्टी को मुश्किल झेलनी पड़ती. बैकुंठपुर, छपरा, अरवल, औरंगाबाद, भभुआ और वारसलीगंज जैसी सीटों पर बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवारों के कुछ सेट रद्द हुए हैं. लेकिन अतिरिक्त सेट ने उन्हें नामांकन रद्द होने से बचा लिया.

जदयू भी फंस सकता था इन सीटों पर

जदयू के लिए भी राहत की खबर यही रही. अमौर, अररिया, धोरैया, जोकीहाट, बरौली और बिहारीगंज जैसी सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों के एक या दो सेटों के नामांकन रद्द हो गए. अगर उन्होंने केवल एक ही सेट में नामांकन किया होता, तो ये सभी नामांकन रद्द हो जाते.

राजद को सबसे बड़ा झटका

राजद के नौ उम्मीदवारों के नामांकन के एक या दो सेट रद्द हुए हैं. अलौली, आलमनगर, सरायरंजन, बाराचट्टी, छातापुर, हरसिद्धि, कुरथा और गायघाट में राजद उम्मीदवारों को झटका लगा है. मोहनिया और सुगौली से तो पार्टी प्रत्याशी पूरी तरह चुनाव से बाहर हो गए.

इससे पार्टी को अब इन सीटों पर नए समीकरण तलाशने होंगे या गठबंधन के भीतर सीट एडजस्टमेंट का रास्ता देखना पड़ेगा.

लेफ्ट पार्टियों पर भी संकट के बादल

माले और सीपीआई के लिए भी यह दौर परेशानी भरा रहा. भोरे, दरौली, दरौंदा, पालीगंज, अरवल, घोसी, काराकाट में माले प्रत्याशियों के नामांकन के एक या दो सेट रद्द हुए हैं. वहीं रोसड़ा में सीपीआई उम्मीदवार का एक सेट रिजेक्ट किया गया. अगर दूसरे सेट न भरे होते, तो लेफ्ट को इन सीटों से हाथ धोना पड़ता.

कांग्रेस भी नहीं बची

कांग्रेस प्रत्याशियों के भी छह सीटों पर अतिरिक्त सेट रद्द हुए हैं. बरबीघा, बगहा, गोविंदगंज, रामनगर, बछवाड़ा और जाले में पार्टी को झटका लगा. बछवाड़ा में तो कांग्रेस उम्मीदवार के तीन नामांकन फॉर्म रिजेक्ट हो गए.
सौभाग्य से चौथा सेट सही रहने से उनकी उम्मीदवारी बच गई.

नामांकन अब औपचारिकता नहीं, रणनीति है

चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि अब नामांकन एक औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा बन चुका है. हर उम्मीदवार एक से अधिक सेट इसलिए भरता है ताकि तकनीकी या दस्तावेजी गलती से उसकी उम्मीदवारी खत्म न हो.
इस बार जिनके पास यह ‘सेफ्टी सेट’ था, वे बच गए और जिनके पास नहीं था, वे बाहर हो गए.

कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव में यह दौर “नामांकन का सबक” बन गया है. 39 सीटों पर जिन उम्मीदवारों ने सतर्कता दिखाई, वे मैदान में हैं और जिनके हाथ से यह चूक हुई, उनके लिए चुनाव खत्म हो गया.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

कंटेंट एडिटर और तीन बार लाड़ली मीडिया अवॉर्ड विजेता. जेंडर और मीडिया विषय में पीएच.डी. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत. डेवलपमेंट, ओरिजनल और राजनीतिक खबरों पर लेखन में विशेष रुचि. सामाजिक सरोकारों, मीडिया विमर्श और समकालीन राजनीति पर पैनी नजर. किताबें पढ़ना और वायलीन बजाना पसंद.

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