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Bihar Election 2020: चुनावी रैलियों में भीड़ जुटाने वाले नेताओं पर लिया जा सकता है एक्शन, EC ने दी चेतावनी

Updated at : 21 Oct 2020 8:39 PM (IST)
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Election Commission of India

Election Commission of India

Bihar Election 2020: कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिये चुनाव प्रचार जोरशोर से चल रहा है. तमाम नेता रैलियों में उमड़ी भीड़ को देख उत्साहित हो रहे हैं और सोशल मीडिया में इसे जनता से मिला अपार समर्थन बता रहे हैं. मगर यह भीड़ उनके लिए गले का फांस बन सकती है.

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Bihar Election 2020: कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिये चुनाव प्रचार जोरशोर से चल रहा है. तमाम नेता रैलियों में उमड़ी भीड़ को देख उत्साहित हो रहे हैं और सोशल मीडिया में इसे जनता से मिला अपार समर्थन बता रहे हैं. मगर यह भीड़ उनके लिए गले का फांस बन सकती है. निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का घोर उल्लंघन किये जाने और उसके दिशानिर्देशों की अवहेलना करते हुए नेताओं द्वारा जन सभाओं को बगैर मास्क पहने संबोधित करने का बुधवार को गंभीरता से संज्ञान लिया है

छोटे-बड़े सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और महासचिवों को फिर से एक परामर्श जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि संबद्ध उम्मीदवारों एवं इस तरह के उल्लंघनों के लिये जिम्मेदार आयोजकों के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) तथा जिला मशीनरी से दंडनीय प्रावधान पर अमल की उम्मीद की जाएगी. आयोग ने कहा है कि रैलियों में सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी भीड़ जमा थी. नेता और चुनाव प्रचारक बगैर मास्क पहने भीड़ को संबोधित कर रहे थे जो आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों की पूरी तरह से अवहेलना है.

ये हो सकती है कार्रवाई

आयोग ने कहा कि नियमों का अनुपालन नहीं कर राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार न सिर्फ दिशनिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि खुद को तथा रैलियों और सभाओं में एकत्रित जनसमूह को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं. आयोग ने अगस्त में जारी दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि चुनाव प्रचार के दौरान निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005 के प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा आईपीसी के प्रावधानों और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि बिहार में विधानसभा तीन चरणों में होने का कार्यक्रम है, पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को, दूसरे चरण का तीन नवंबर को और तीसरे चरण का चुनाव सात नवंबर को होगा. अन्य राज्यों में ज्यादातर विधानसभा उपचुनाव तीन नवंबर को हैं.

पीएम ने कहा था- जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं

चुनाव आयोग का परामर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से मास्क पहनने, खासतौर पर त्योहारों के मौसम में, सहित कोविड के सभी दिशानिर्देशों का पालन करने का अनुरोध किये जाने के एक दिन बाद आया है. आयोग ने नौ अक्टूबर के अपने परामर्श का भी जिक्र किया, जिसमें उसने सभी स्तर पर, खासतौर पर लोगों की शारीरिक उपस्थिति के बीच चुनाव प्रचार करने के दौरान, कोविड-19 से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करने में राजनीतिक पार्टियों से सहयोग मांगा था. आयोग ने महामारी के दौरान कराये जाने वाले चुनावों के लिये अगस्त महीने में व्यापक दिशानिर्देश जारी किये थे.

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Posted By: Utpal kant

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