बियाडा की जमीन पर छह महीने में शुरू नहीं हुआ उत्पादन, तो बियाडा की हो जायेगी औद्योगिक भूमि

बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी तमाम भूमि है, जो भूमि तो उत्पादन के लिए ली गयी, लेकिन वर्षों बाद उस पर उत्पादन नहीं हुआ. इससे सरकार का औद्योगिक विकास की मंशा को झटका लगा है. लिहाजा बियाडा चाहता है कि इस तरह की भूमि पर किसी तरह उत्पादन प्रारंभ हो या उसे वापस हासिल किया जा सके.
बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार) निदेशक पर्षद ने आदेश जारी किये हैं कि बियाडा नियंत्रित औद्योगिक क्षेत्र में हस्तांतरित भूमि पर छह माह (अधिकतम 12 माह) के अंदर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ, तो जमीन का वह हिस्सा स्वत: बियाडा की हो जायेगी. इस पर संबंधित निवेशक कानूनी कार्यवाही भी नहीं कर सकेगा. दरअसल हस्तांतरित जमीन करने वाले निवेशक व्यक्ति/फर्म/कंपनी को इस आशय का शपथ पत्र बियाडा को लिख कर देना होगा.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण का वन टाइम अवसर दिया गया है. यह अवसर बियाडा के निदेशक पर्षद की 81वीं बैठक में लिये गये निर्णय के आधार पर दिया गया है. आदेश के मुताबिक बियाडा ने इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2023 निर्धारित की है. आवेदन की तिथि तक बियाडा भू आवंटन नीति 2022 के प्रावधान शिथिल रखे जायेंगे.
जानकारी के मुताबिक बियाडा ने हाल ही में उन निवेशकों को भूमि हस्तांतरित करने का मौका दिया है, जिन्होंने आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा में अभी तक यूनिट में उत्पादन प्रारंभ नहीं किया है. जानकारों के मुताबिक बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी तमाम भूमि है , जो भूमि तो उत्पादन के लिए ली गयी, लेकिन वर्षों बाद उस पर उत्पादन नहीं हुआ. इससे सरकार का औद्योगिक विकास की मंशा को झटका लगा है. लिहाजा बियाडा चाहता है कि इस तरह की भूमि पर किसी तरह उत्पादन प्रारंभ हो या उसे वापस हासिल किया जा सके.
बियाडा की तरफ से जारी दिशा-निर्देशानुसार अगर हस्तांतरित यूनिट में पुराने के स्थान पर नयी मशीन उपकरण आदि लगाना है, तो उत्पादन शुरू करने की अधिकतम अवधि 12 महीने की होगी. साथ हस्तांतरित जमीन के निवेशक को औद्योगिक भूमि के कुल मूल्य को पांच प्रतिशत बैंक गारंटी देनी होगी . यह गारंटी एक वर्ष के लिए ही मान्य होगी. अगर यूनिट उत्पादन प्रारंभ नहीं करती है, तो उसकी यह बैंक गारंटी को जब्त करने की स्वतंत्रता होगी. जमीन हस्तांतरण की वन टाइम ऑपरच्युनिटी के लिए वह यूनिट पात्र हैं, जिनके आवंटन वैध हैं.
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कार्यशील यूनिट अथवा एक जनवरी, 2022 के बाद से अकार्यशील यूनिट का हस्तांतरण शुल्क
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एमवीआर का 10 प्रतिशत
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एक जनवरी 2020 के बाद से अकार्यशील यूनिट का हस्तांतरण शुल्क- एमवीआर का 15 प्रतिशत
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एक जनवरी 2018 के बाद से अकार्यशील यूनिट का हस्तांतरण शुल्क- एमवीआर का 20 प्रतिशत
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एक जनवरी 2016 के बाद से अकार्यशील यूनिट का हस्तांतरण शुल्क- एमवीआर का 25 प्रतिशत
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