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भोजपुर में पीएम किसान के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा, मृतक और फौजी बन गए लाभार्थी

Updated at : 26 Jun 2025 6:13 PM (IST)
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PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana: भोजपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की हकीकत चौंकाने वाली है. कई ऐसे किसानों के खातों में अब भी पैसा ट्रांसफर हो रहा है, जो या तो सालों पहले इस दुनिया से जा चुके हैं या सेना में कार्यरत हैं. परिजनों को इसकी भनक तक नहीं थी.

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PM Kisan Yojana: भोजपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर गंभीर अनियमतायें सामने आई है. योजना का मकसद किसानों को सालाना 6000 रूपये की आर्थिक सहायता देना है. लेकिन जांच में सामने आया है की यह राशि मृत किसानों और सेना में सेवरात कर्मियों के नाम पर बांटी जा रही है. आश्चर्य की बात यह है की जिन परिवारों के नाम पर ये राशि बाटी जा रही थी उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं थी.

जिले में 1 लाख 55 हजार किसान लाभार्थी

जिला प्रशासन के अनुसार 1 लाख 55 हजार किसान इस योजना का लाभ उठा रहें है. लेकिन सेमरिया गांव के रहने वाले स्व. गौतम सिंह की कहानी ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूचना के अनुसार गौतम सिंह की मृत्यु नौ साल पहले हो चुकी है. उनके पुत्र रूद्र प्रताप सिंह से बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके पिताजी सम्मान निधि राशि अभी भी उनके अकाउंट में जमा हो रही थी.

जांच का मिला आश्वासन

उन्होंने जब कृषि विभाग से संपर्क किया तो अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया. रूद्र प्रताप के नाम पर अलग से सम्मान निधि की राशि दी जा रही है. इस गांव के अन्य मामलों ने इस योजना की कार्यशैली पर सवाल उठाये है. किसान संतोष सिंह से बताया की सुजीत कुमार सिंह जोकि वर्त्तमान में वायु सेना में कार्यरत हैं उनके नाम पर भी राशि अभी तक दी जा रही है. एक और किस्सा सचिन कुमार सिंह का है जो आर्मी से रिटायर्ड है. उनके खाते में भी निधि योजना का पैसा जमा किया जा रहा है, सबसे अजीब बात तो ये है की उन्होंने इस योजना के लिये कभी आवेदन ही नहीं किया था.

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डाक्यूमेंट्स के माध्यम से हुई पुष्टि

जब इन किसानों और परिवारों ने संबंधित डाक्यूमेंट्स के माध्यम से जब इस बात की पुष्टि की, तो मामला सामने आया. ग्रामीणों का आरोप है कि कृषि कार्यालय की लापरवाही के कारण इस तरह का अनियमित कार्य हो रहा है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. खातों और आधार नंबर के आधार पर विस्तृत जांच की जाएगी और इस असुविधा का जल्द से जल्द हल किया जायेगा.

(मृणाल कुमार की रिपोर्ट)

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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