अब खाना -पानी के पहुंचाई ए बुचिया..

Updated at :03 Oct 2013 10:42 PM
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अब खाना -पानी के पहुंचाई ए बुचिया..

आरा. दो पोतियों एवं बहू को खोने के बाद बजन विंद का रो -रो कर बुरा हाल हो गया है और बार- बार कह रहे कि खाना पानी के पहुंचायी ऐ बुचिया. उनके रेखा, मुन्नी (पोती) तथा बहू लीलावती देवी की नौका दुर्घटना में मौत से मर्माहत है. वहीं उनका पुत्र हरेंद्र बिंद मानसिक संतुलन […]

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आरा. दो पोतियों एवं बहू को खोने के बाद बजन विंद का रो -रो कर बुरा हाल हो गया है और बार- बार कह रहे कि खाना पानी के पहुंचायी ऐ बुचिया. उनके रेखा, मुन्नी (पोती) तथा बहू लीलावती देवी की नौका दुर्घटना में मौत से मर्माहत है. वहीं उनका पुत्र हरेंद्र बिंद मानसिक संतुलन खो बैठे है, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.

रो- रो कर हुई बेहोश

फुल कुमारी के खोने के गम में उसकी मां चंपा देवी की स्थिति काफी नाजुक हो गयी है. बार- बार वह अपनी बेटी फुल कुमारी के नाम को लेकर यह कहते हुए की कहा गइलू ए बेटी बोल – बोल कर दहाड़ मारते हुए बेहोश हो जा रही थी.

इंतजार में खड़े रहे ग्रामीण

एनडीआरएफ की टीम द्वारा गंगा से एक- एक कर शव निकाला जा रहा था. वैसे परिजन जिनके परिवार नौका पर सवार थे, और जिन्हें लापता की होने की आशंका थी, वे अपने परिजनों के शव को निकलने का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही कोई शव लेकर आता, लोग उधर दौड़ पड़ते. दूसरी तरफ ग्रामीण सुबह से ही शव के इंतजार में घंटों खड़े रहे.

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