शिक्षकों की हड़ताल से पठन-पाठन रहा ठप

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Feb 2020 4:40 AM

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आरा : जिले में शिक्षकों की हड़ताल का असर विद्यालयों में देखने को मिला. जिले के अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति शून्य रही. प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में हड़ताल के पहले दिन सोमवार को ताले लटके रहे. इस दौरान शिक्षकों का जत्था प्रखंड मुख्यालय पर सरकार के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारेबाजी की. वहीं, जिन नियोजित […]

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आरा : जिले में शिक्षकों की हड़ताल का असर विद्यालयों में देखने को मिला. जिले के अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति शून्य रही. प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में हड़ताल के पहले दिन सोमवार को ताले लटके रहे. इस दौरान शिक्षकों का जत्था प्रखंड मुख्यालय पर सरकार के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारेबाजी की. वहीं, जिन नियोजित शिक्षकों को मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण कार्य में लगाया गया था. उसमें अधिकांश शिक्षकों ने वीक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया.

सूत्रों का कहना है कि जिन नियोजित शिक्षकों का वीक्षण कार्य के लिए लगाया गया था और जो अबतक संबंधित परीक्षा केंद्र पर योगदान नहीं किये हैं, उनके खिलाफ शिक्षा विभाग प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई पर विचार कर रहा है. इस प्रकार से पूरे जिले के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर डटे हुए हैं.
प्रशासन की चौकसी के सामने हड़ताली शिक्षकों के परीक्षा बाधित करने के मंसूबे पर फिरा पानी : मैट्रिक परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी कर रखी थी. जिसके कारण हड़ताली शिक्षकों की एक नहीं चली. जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित समयानुसार शुरू हुई.
किसी भी परीक्षा केंद्र पर हड़ताली शिक्षक मैट्रिक परीक्षा को बाधित करने के लिए प्रशासन की चौकसी के सामने हिम्मत नहीं जुटा पाये. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कौशल किशोर ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन प्रशासन द्वारा परीक्षा को निर्बाध रूप से संपन्न कराने को लेकर व्यापक तैयारी की गयी थी. परीक्षा के पहले दिन हड़ताली शिक्षकों के द्वारा किसी भी परीक्षा केंद्र पर कोई बाधा उत्पन्न नहीं की गयी.
नियोजित शिक्षकों की हड़ताल से स्कूलों में रहा सन्नाटा
सहार. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के द्वारा समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर 17 जनवरी, सोमवार से राज्यव्यापी हड़ताल की आह्वान के तहत प्रखंड क्षेत्र के नियोजित शिक्षकों ने विद्यालय के पठन-पाठन के कार्य से अपने आप को वंचित कर दिया, जिससे विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य पूर्ण रूप से बंद हो गया है.
वहीं, प्रखंड मुख्यालय पर शिक्षकों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसकी अध्यक्षता साधनसेवी मुरारी शर्मा एवं संचालन सुनील कुमार ने किया. वक्ताओं ने कहा कि नीतीश सरकार में शिक्षकों का दोहरा शोषण किया जा रहा है. एक ही कार्य के दो तरह के मानदेय का भुगतान किया जा रहा है.
नियोजित शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है. जब तक सरकार हमारी मांगों को पूरी नहीं करती है, तब तब विद्यालय से शिक्षक दूर रहेंगे. धरना में कमलेश कुमार, अरुण कुमार वर्मा, अंकित कुमार, मो रफीक, सतेंद्र कुमार, प्रकाश कुमार, मो नाहिद, पंकज कुमार, सुनील कुमार, अरविंद सिंह, शारदा नंद सिंह, अतीक अहमद आदि मौजूद थे.
हड़ताली शिक्षकों ने रैली निकाली व की तालाबंदी
गड़हनी. शिक्षक संघर्ष समन्वयक समिति के पूर्व घोषित आह्वान पर प्रखंड के शिक्षकों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल को सफल बनाने के लिए रैली निकालकर विद्यालय में पूर्ण तालाबंदी की गयी, साथ ही एक बैठक कर सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा यह आह्वान किया गया कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है, तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा. इस मौके पर प्रखंड के सैकड़ों शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित थे.
हड़ताल से विद्यालयों में लटका ताला
उदवंतनगर. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर आहूत हड़ताल के प्रथम दिन प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित रहा. नियोजित शिक्षकों ने पूर्णरूपेण विद्यालय का बहिष्कार किया. दर्जनों स्कूल के ताले नहीं खुले. बच्चे विद्यालय से बैरंग लौटते दिखे. शिक्षकों ने बताया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
शिक्षण कार्य ठप कर धरना पर बैठे शिक्षक
कोइलवर. बिहार राज शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर 17 फरवरी से आहूत राज्यव्यापी हड़ताल के मद्देनजर कोइलवर प्रखंड परिसर में सभी संवर्ग के शिक्षकों ने धरना का आयोजन किया. वहीं, इस हड़ताल को रसोइयों ने भी संपूर्ण समर्थन देते हुए मध्याह्न भोजन को ठप कर दिया. शिक्षकों ने अपनी मांगों के लिए प्रण किया कि जब तक हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती, तब तक हम इस हड़ताल पर डटे रहेंगे. शिक्षकों ने संवैधानिक तरीकों को अपनाते हुए अनवरत धारणा चालू करने का निर्णय लिया है और कहा है कि यह अनिश्चितकालीन जारी रहेगी.
जब तक सरकार हमारी मांगों को बिना शर्त नहीं मानती है, तब तक हम अश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे. मौके पर धरने में राजेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, रवि मिश्रा, रजनीकांत सिंह, संतोष कुमार, रवि मिश्रा, नीलम कुमारी, आशा कुमारी, रवि राय, संजय राम, जितेश सिंह, प्रताप कुमार, राज कुमार मिश्रा, भोपाल हुसैन गणेश सहित सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया.
जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल रहेगी जारी
जगदीशपुर. हड़ताल के समर्थन में जगदीशपुर बीआरसी के बाहर शिक्षकों द्वारा धरना दिया गया. धरना स्थल पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह मंटू ने कहा कि वेतनमान मिलने, राज्य कर्मी का दर्जा प्राप्त होने तक हड़ताल जारी रहेगी. सत्येंद्र कुमार सिंह,मनीष कुमार एवं किंग अभिषेक क्षत्रप ने कहा कि सरकार से सेवा-शर्त चार साल में भी नहीं बन पायी.
वह आंदोलन को दबाने के लिए मुकदमा दर्ज करने की बात कहती है. ऐसा कभी संभव नहीं है. हम अंतिम समय तक संघर्ष को जारी रखेंगे. इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह, मनीष कुमार, किंग अभिषेक क्षत्रप, सचिव सुरेंद्र सिंह,चंद्रदेव कुमार सिंह आदि शिक्षक थे.
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