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निर्माणाधीन पुल के पास बालू का उत्खनन

Updated at : 05 Dec 2019 7:54 AM (IST)
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निर्माणाधीन पुल के पास बालू का उत्खनन

आरा/कोइलवर : जिला प्रशासन की रोक के बावजूद कोइलवर सोन नद से बालू का अवैध उत्खनन नही रुक रहा है. इसे जिला प्रशासन की कमी कहें या अनदेखी. इस कारण सारण, वैशाली व पटना से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नाव गंगा नदी के रास्ते सोन नद पहुंचती हैं. जहां नये व पुराने पुल के समीप […]

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आरा/कोइलवर : जिला प्रशासन की रोक के बावजूद कोइलवर सोन नद से बालू का अवैध उत्खनन नही रुक रहा है. इसे जिला प्रशासन की कमी कहें या अनदेखी. इस कारण सारण, वैशाली व पटना से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नाव गंगा नदी के रास्ते सोन नद पहुंचती हैं. जहां नये व पुराने पुल के समीप रोक के बावजूद धड़ल्ले से उत्खनन कर वापस उसी रास्ते से चली जाती हैं, जिससे जहां भोजपुर जिले को राजस्व की भारी क्षति के साथ पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है. इस पर न कोई रोक लगानेवाला है और न ही कोई टोकने वाला है. इसका असर निर्माणाधीन पुल पर भी पड़ेगा.

यह नाव आरा-पटना सिक्स लेन निर्माणाधीन पुल के समीप धड़ल्ले से बालू की कटाई कर रही हैं, जहां बालू काटना प्रतिबंधित है. मालूम हो कि जुलाई से अगले तीन माह तक बालू उत्खनन पर रोक लगायी गयी थी. इसे बढ़ाकर दिसंबर तक कर दिया गया है. बावजूद सोन नद में प्रशासन को चुनौती देते हुए प्रतिदिन बड़ी संख्या में बड़ी-बड़ी नाव कोइलवर पुल के समीप बालू का अवैध उत्खनन में जुट गयी हैं.
नाव सोन नद के रास्ते डोरीगंज, सोनपुर, हाजीपुर की तरफ से आती हैं और कोइलवर पुल के समीप से बालू उत्खनन कर चली जाती हैं. सोन नद में बालू उत्खनन पर रोक के बाद से बफर स्टॉक या बंदोबस्तधारी स्टॉकिस्ट को स्टोर किये गये बालू को बेचने का लाइसेंस दिया गया है, जहां से चालक चालान कटाकर बालू को ट्रक पर ले मंडियों तक पहुंचते हैं, लेकिन गंगा नदी के रास्ते कोइलवर सोन नद में आनेवाली नाव बिना राजस्व दिये बालू लाद आसानी से मंडियों में बेच रही हैं.
निर्माणाधीन पुल को हो सकता है खतरा
पुल के खंभे के समीप नावों से बालू का अवैध उत्खनन ने 156 साल पुराने पुल की नींव को हिला रख दिया है. प्रतिदिन नाव सोन नदी में पुल के इर्द-गिर्द सरकार की मशीनरी को चुनौती देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में बालू का अवैध उत्खनन कर रही हैं, जिससे पुल के पिलर का प्लेटफॉर्म (चबूतरा) टुकड़ों में बिखर गया है. प्लेटफॉर्म के नीचे करीब कई फुट तक खुदाई ने खतरे की घंटी बजा दी है.
आशंका है कि सोन नदी की तेज धार कहीं कोइलवर पुल के पिलर के नीचे की जमीन ही न खिसका दे. हालांकि कोइलवर अब्दुलबारी रेल सह रोड पुल व निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के दो हजार फुट दक्षिण व एक हजार फुट उत्तर में रेलवे ने बालू उत्खनन होता देख प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर रखा है. वहीं नये पुल के आसपास प्रतिबंध के बावजूद बालू का अवैध उत्खनन हो रहा है, जो पुल की नींव को नुकसान के लिए काफी है.
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