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प्रतिबंध के बाद भी जिले में बिक रहे गुटखे

Updated at : 11 Sep 2019 6:42 AM (IST)
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प्रतिबंध के बाद भी जिले में बिक रहे गुटखे

आरा : जिले में गुटखा और तंबाकू खुलेआम बिक रहा है. विक्रेताओं पर प्रतिबंध का असर नहीं दिख रहा है. नगर के मुख्य बाजार सहित अन्य मुहल्लों में व जिले के चट्टी, बाजारों में दुकानदार अब भी इन उत्पादों को बेच रहे हैं. कई दुकानदारों द्वारा भारी मात्रा में तंबाकू उत्पादों का स्टाल लगाकर उन्हें […]

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आरा : जिले में गुटखा और तंबाकू खुलेआम बिक रहा है. विक्रेताओं पर प्रतिबंध का असर नहीं दिख रहा है. नगर के मुख्य बाजार सहित अन्य मुहल्लों में व जिले के चट्टी, बाजारों में दुकानदार अब भी इन उत्पादों को बेच रहे हैं. कई दुकानदारों द्वारा भारी मात्रा में तंबाकू उत्पादों का स्टाल लगाकर उन्हें खुलेआम बेचा जा रहा है. इतना ही नहीं सरकार द्वारा लगाये गये प्रतिबंध की आड़ में ज्यादा दामों पर बेचकर दुकानदार भारी मुनाफा भी कमा रहे हैं.

इसके बाद भी संबंधित विभाग और अधिकारी मौन हैं. छापेमारी सहित अन्य कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
स्कूलों के आसपास भी बेचे जा रहे हैं गुटखे : देश के भविष्य कहे जानेवाले छात्रों के जीवन से भी गुटखा बेचनेवाले खिलवाड़ कर रहे हैं. स्कूलों के आसपास भी खुलेआम गुटके बेचे जा रहे हैं. इससे छात्रों के जीवन पर इसका बुरा असर पड़ सकता है.
40 रुपये डब्बा तक बढ़ गया दाम : पान-मसाला व गुटखा सप्लाइ करनेवाले एजेंट आज भी पहले की तरह ही काम कर रहे हैं. बस दाम बढ़ा दिया गया है. तीस पुड़िया वाले एक डब्बा पान-मसाले की कीमत में चालीस रुपये की वृद्धि हुई है. एक रुपये के आसपास एक पुड़िया का दाम बढ़ गया है. कुछ पान-मसाले का दाम तो डेढ़ से दो रुपये तक बढ़ गया है.
कैंसर सहित कई बीमारियों का रहता है खतरा : तंबाकू और गुटखा के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा बना रहता है. इसके साथ ही अन्य कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है. इसके बाद भी गुटखा विक्रेताओं पर कार्रवाई नहीं की जा रही है.
प्रचार-प्रसार की भी है आवश्यकता : गुटखा और पान मसाला से होनेवाली बीमारियों व अन्य तरह की हानि के बारे में काफी लोगों को जानकारी नहीं होती है. इस कारण लोग इसका सेवन करते हैं. प्रशासन द्वारा गुटखा और पान मसाला को लेकर प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है.
क्या है नियम : एफडीए के फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड ऐक्ट के अंतर्गत गुटखा आदि के उत्पादन व बिक्री पर प्रतिबंध है. इसका उल्लंघन करनेवाले को छह महीने की सजा या अधिकतम 25 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
तंबाकू स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है. इस पर प्रतिबंध लोगों के हित को देखते हुए लगाया गया है. प्रतिबंध के बाद भी इन उत्पादों को बेचनेवाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जायेगी.
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी
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