आरा : विगत पांच दिन तक नगर के अधिकतर भागों में अतिक्रमण विरोधी अभियान जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा पूरे तामझाम से चलाया गया. इसके लिए कई बार ध्वनि विस्तारक यत्रों से अतिक्रमणकारियों को चेतावनी भी दी गयी थी. प्रशासन द्वारा कहा गया था कि अतिक्रमणकारी स्वयं ही अपने सामान तथा अवैध रूप से किये गये अतिक्रमण को हटा लें अन्यथा प्रशासन द्वारा हटाये जाने पर इसके लिए शुल्क लिया जायेगा.
पर इस चेतावनी का अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा. इसके बाद अतिक्रमण को हटाया गया. पर प्रशासन की कार्रवाई के प्रति अतिक्रमणकारियों के सोच का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस दिन जिस सड़क से अतिक्रमण हटाया गया, उसके अगले दिन उस सड़क पर अतिक्रमणकारी फिर से काबिज हो गये.
नहीं है प्रशासन की कार्रवाई से भय : नगर के अतिक्रमणकारी इस तरह निर्भीक हो चुके हैं कि प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान से उन्हें कोई भय नहीं है. इस कारण प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने से अगले दिन ही अतिक्रमण कर लिया जा रहा है. प्रशासन भी अपने अभियान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है. प्रशासन द्वारा केवल अतिक्रमण हटाया जाता है. अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
सामान जब्त करने की प्रशासन द्वारा की जा रही है घोषणा : अतिक्रमणकारियों से आजिज आ चुके प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए घोषणा
की है कि फिर से अतिक्रमण करनेवालों का सामान प्रशासन द्वारा जब्त कर लिया जायेगा. वहीं उन पर अन्य संवैधानिक कार्रवाई की जायेगी. ध्वनि विस्तारक यंत्रों के द्वारा चेतावनी दी जा रही है कि किसी भी सूरत में सड़कों पर अतिक्रमण नहीं किया जाये.
अतिक्रमण से लगता है जाम
नगर में अतिक्रमण के कारण पूरे वर्ष जाम की स्थिति बनी रहती है. नगर की प्रमुख सड़क हो या मुहल्ले की सड़क, हर जगह अतिक्रमण किया गया है. दुकानदारों द्वारा दुकान के आगे सड़क पर अवैध निर्माण किया जाता है, वहीं दुकान से आगे सामान को रखा जाता है. इस कारण सड़क की चौड़ाई सिकुड़ जाती है. इससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है.
