Bhagalpur news महिलाओं की हुनर को मिला मंच, आत्मनिर्भरता की बनी राह
Author Jitendra tomar
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आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को जीविका दीदियों से सिलाई की पोशाक उपलब्ध करायी जायेगी.
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सुलतानगंज आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को जीविका दीदियों से सिलाई की गयी पोशाक उपलब्ध करायी जायेगी. यह योजना बच्चों को समय पर ड्रेस उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आय में बढ़ोतरी करेगी. सिलाई केंद्रों की आमदनी उनके जीवन-यापन में सहायक बनेगी. उनका कहना था कि जीविका ने उनके पुश्तैनी हुनर को पहचान दी है. अब हम बड़े पैमाने पर कपड़े तैयार करेंगी. हमारी कमाई बढ़ेगी और घर-परिवार के साथ समाज में हमारा सम्मान बढ़ेगा.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पोशाक की सिलाई व आपूर्ति को लेकर शक्ति संकुल स्तरीय संघ शिवनंदनपुर में आयोजित सात दिवसीय सिलाई-कटाई प्रशिक्षण का समापन हुआ. प्रशिक्षण जीविका से संबद्ध संकुल स्तरीय संघ की ओर से किया गया था. प्रत्येक केंद्र पर एक विशेषज्ञ महिला दर्जी ने प्रशिक्षणार्थियों को बारीकियों से सिलाई-कटाई सिखायी. संघ ने पोशाक की सिलाई के लिए कपड़े उपलब्ध कराये. कार्यक्रम का मकसद गांव की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार और आजीविका विशेषज्ञ डॉ अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में दक्ष महिलाओं का चयन आगे सिलाई-कटाई कार्य के लिए किया जायेगा. एक जुलाई को बिहार सरकार के जीविका, ग्रामीण विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग की समेकित बाल विकास सेवा के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ था. प्रशिक्षण के सफल संचालन में राहुल कुमार, सुजीत कुमार, पारस कुमार का अहम योगदान रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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