विक्रमशिला केंद्रीय विवि : डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को मिली

Updated at : 23 Jul 2024 9:37 PM (IST)
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विक्रमशिला केंद्रीय विवि : डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को मिली

विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है. केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित स्थल मलकपुर व अंतीचक के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. वहीं विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापना के लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी स्कूल आफ प्लैनिंग एंड आर्किटेक्चर, नयी दिल्ली को सौंपी गयी है.

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विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है. केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित स्थल मलकपुर व अंतीचक के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. वहीं विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापना के लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी स्कूल आफ प्लैनिंग एंड आर्किटेक्चर, नयी दिल्ली को सौंपी गयी है. भूमि अधिग्रहण के निमित्त कुल 87 करोड़ 99 लाख 81 हजार 355 रुपये की राज्य सरकार की कैबिनेट ने गत 19 जुलाई को स्वीकृति प्रदान की है. डीपीआर बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल इसमें आगे की कार्रवाई करेगा और जल्द ही भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. इसके बाद विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू होगा. दूसरी ओर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने प्राइमरी वर्क के लिए राशि की स्वीकृति दी है. अब शिक्षा विभाग अधियाचना के बाद केंद्र की राशि मिलेगी. कितना अमाउंट लगेगा वह जिला स्तर से जोड़ा जा रहा है. विभाग के स्तर से एकाउंट नंबर का ब्योरा व अन्य कागजात की मांग की गयी है, जिसे भेजने की तैयारी की जा रही है.

संसद में उठाये गये प्रश्न पर शिक्षा मंत्री ने दिया विस्तृत जवाब

सांसद अजय कुमार मंडल ने बताया कि 22 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री से लोकसभा में अतारांकित प्रश्न (प्रश्न संख्या 97) किया था. इसका जवाब प्राप्त हुआ है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री से विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 500 करोड़ के पीएम पैकेज के बारे में भी प्रश्न (प्रश्न संख्या 210) किया था. शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने जवाब दिया है कि बिहार के लिए पीएम पैकेज, 2015 में अन्य बातों के साथ-साथ विक्रमशिला विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्थल पर भागलपुर के पास एक नये केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रावधान है. इस मंत्रालय ने वर्ष 2015 में बिहार राज्य सरकार से 500 एकड़ की उपयुक्त जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. राज्य सरकार के अनुरोध पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार शुरुआत में 200 एकड़ भूमि उपलब्ध करायेगी और भविष्य में विस्तार के लिए अन्य 300 एकड़ भूमि की पहचान करेगी. इसके बाद, फरवरी 2022 में इस मंत्रालय की स्थल चयन समिति (एसएससी) द्वारा बिहार राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित स्थलों का दौरा किया गया. स्थलों को उपयुक्त नहीं पाया गया, क्योंकि स्थल बाढ़ की आशंका वाला था. प्राचीन स्थल से दूर था और आसानी से पहुंच योग्य नहीं था. वर्ष 2024 में बिहार सरकार ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए कहलगांव के मलकपुर और अंतीचक में लगभग 205.05 एकड़ की एक और स्थल का प्रस्ताव दिया, जिसे इस मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है. ब्यौरा आधार पर योजना व वास्तुकला विद्यालय, नयी दिल्ली को विश्वविद्यालय के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है.

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