प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक के विरोध में टीएमबीयू में आक्रोश मार्च, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
फोटो- प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक के विरोध में आक्रोश मार्च निकालते टीएमबीयू के शिक्षक एवं कर्मचारी.
तिलाकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के शिक्षक और कर्मचारी प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. उन्होंने सोमवार को एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.
TMBU Protest: भागलपुर. टीएमबीयू के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में सोमवार को संयुक्त बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला. मार्च ओल्ड पीजी कैंपस स्थित दिनकर भवन परिसर से शुरू होकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचा. इसके बाद कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने धरना दिया और अपनी मांगों का ज्ञापन रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे को सौंपा.
विधेयक वापस लेने की मांग, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल और विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के सचिव रंजीत कुमार ने कहा कि सरकार प्रस्तावित विधेयक को तत्काल वापस ले. उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो टीएमबीयू से लेकर पटना तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. चार शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने विधेयक के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा भी बनाया है.
11 से 25 अगस्त तक कार्यस्थल पर करेंगे विरोध
रजिस्ट्रार को सौंपे ज्ञापन में आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी बताई गई है. इसके तहत 11 से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे तक शिक्षक एवं कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर नारेबाजी कर विरोध जताएंगे. पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ प्रस्तावित विधेयक के प्रभाव को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है.
विश्वविद्यालय की स्वायत्तता प्रभावित होने का आरोप
शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार रहनी चाहिए और विधेयक वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन को आगे बढ़ाने के साथ जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों का सहयोग लेने का भी निर्णय लिया गया है.
1976 के अधिनियम-परिनियम के उल्लंघन का आरोप
टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच के सह-संयोजक अमरेंद्र झा ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-परिनियम 1976 का उल्लंघन करता है. उन्होंने कहा कि विधेयक लागू होने से शिक्षक एवं कर्मचारियों के हितों से जुड़े न्यायिक आदेश भी प्रभावित हो सकते हैं. विश्वविद्यालय की स्वायत्तता प्रभावित होने पर शिक्षक-कर्मचारी सड़क से सदन तक विरोध करेंगे. मंच ने आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की बात कही.
प्रभारी कुलपति के खिलाफ भी हुई नारेबाजी
आंदोलन के दौरान कुछ शिक्षकों ने प्रभारी कुलपति के खिलाफ भी नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रभारी कुलपति आवास से कामकाज कर रहे हैं और विश्वविद्यालय से कामकाज संचालित करने की मांग की. संघ के सदस्यों ने कहा कि प्रभारी कुलपति के विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं रहने के कारण रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा गया.
काफी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी रहे मौजूद
TMBU Protest: आक्रोश मार्च में प्रो. मुश्फिक आलम, डॉ. निर्लेश कुमार, डॉ. संगीत कुमार, डॉ. सुपेन्द्र यादव, डॉ. केके मंडल, डॉ. अभिषेक आनंद, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. मिहिर मोहन मिश्र, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. आशीष मिश्रा, डॉ. स्वास्तिका दास, डॉ. कमला पाढ़ी, डॉ. श्वेता पाठक, डॉ. सुप्रिया शालिनी, डॉ. अंबिका, डॉ. अमिताभ चक्रवर्ती, प्रकाश पाठक, दीपक कुमार, निरंजन कुमार, सुधीर कुमार, सुरेश चौधरी, चंदन पासवान, दीपक राम, कैलाश मंडल, शिवशंकर कुमार, लड्डू कुमार, कानन राजू, सुधांशु शेखर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे.
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लेखक के बारे में
By आरफीन जुबैर
आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.
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