ePaper

गंगोत्री समाज के युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ाने की जरूरत, हर क्षेत्र में लहरायेंगे परचम

Updated at : 27 Oct 2024 9:19 PM (IST)
विज्ञापन
गंगोत्री समाज के युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ाने की जरूरत, हर क्षेत्र में लहरायेंगे परचम

गंगोत्री समाज के युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ाने की जरूरत है. समाज के लोग हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन संगठित नहीं हैं. ऐसे मेंं अपनी ताकत का एहसास नहीं हो पाता है. युवाओं को शिक्षित बनाने के साथ विभिन्न क्षेत्र उद्योग-व्यापार, राजनीति व धार्मिक क्षेत्र में संगठित होकर युवाओं को प्रेरित करना होगा. हर क्षेत्र में गंगोत्री समाज के युवा परचम लहरायेंगे.

विज्ञापन

गंगोत्री समाज के युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ाने की जरूरत है. समाज के लोग हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन संगठित नहीं हैं. ऐसे मेंं अपनी ताकत का एहसास नहीं हो पाता है. युवाओं को शिक्षित बनाने के साथ विभिन्न क्षेत्र उद्योग-व्यापार, राजनीति व धार्मिक क्षेत्र में संगठित होकर युवाओं को प्रेरित करना होगा. हर क्षेत्र में गंगोत्री समाज के युवा परचम लहरायेंगे. उक्त बातें सांसद अजय मंडल ने मुख्य अतिथि के रूप में कही. मौका था रविवार को अखिल भारतीय गंगोत्री महासभा की ओर से टाउन हॉल में शताब्दी समारोह सह सम्मान समारोह का.

इससे पहले सांसद अजय मंडल, सत्तारुढ़ दल के सचेतक सह गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल, अति पिछड़ा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो रतन मंडल, महासभा कार्यकारी अध्यक्ष ई महेंद्र प्रसाद मंडल, पूर्व सांसद बुलो मंडल, पूर्व मंत्री बीमा भारती, पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत मंडल, अर्पणा कुमारी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की. मंच का संचालन रंजीत प्रसाद शर्मा, भानू प्रताप एवं कृष्ण किंकर ने संयुक्त रूप से किया. समारोह में भागलपुर, मधेपुरा, खगड़िया, सुपौल, मुंगेर व पूर्णिया क्षेत्र के 2000 से अधिक गंगोत्री समाज के युवाओं व गणमान्यों ने हिस्सा लिया.

समारोह का मुख्य उद्देश्य बाबा अनंत दास महाराज को याद करना है

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ दिवाकर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाबा अनंत दास जी महाराज को याद करना था. उनकी प्रेरणा से समाज को आगे बढ़ाना था. दरअसल अनंत दास महाराज गंगोता जाति के तपस्वी थे. 1924 में गंगोता मंडली के नाम से एक संस्था का निर्माण किया गया था. इसका नाम बदलकर अखिल भारतीय गंगोत्री महासभा कर दिया गया है.

200 से अधिक लोगों को मिला सम्मान

समारोह में समाज के 200 से अधिक लोगों को अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. डॉ मोनिका व्यास, डॉ नीरज कुमार, डॉ आलोक कुमार, डॉ अजय शर्मा आदि को चिकित्सा क्षेत्र में गंगोता रत्न का सम्मान प्रदान किया गया, शिक्षा के क्षेत्र में प्रो व्यास मुनी, उमेश प्रसाद नीरज, प्रो पुलकित कुमार मंडल, प्रो अमलेंदू अंजन को गंगोता रत्न, जबकि अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ दिवाकर को गंगोता गौरव का सम्मान मिला. आयोजन में अंगिका के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रमेश आत्मविश्वास, डॉ सुधीर मंडल, गुलशन मंडल, सत्यजीत कुमार, त्रिलोकी नाथ दिवाकर, मुखिया अभिषेक अर्णब, अंजनी कुमार, संजय कुमार मंडल, अमर कुमार, कृष्ण कांत शर्मा, राघवेंद्र कुमार, बिनोद कुमार, उदय मंडल, आशीष कुमार आदि का योगदान रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन