ePaper

Bhagalpur News. छह माह पहले पत्नी का कर दिया था श्राद्ध, अस्पताल में जीवित मिली

Updated at : 23 Sep 2025 10:26 PM (IST)
विज्ञापन
Bhagalpur News. छह माह पहले पत्नी का कर दिया था श्राद्ध, अस्पताल में जीवित मिली

छह माह पूर्व पत्नी का कर दिया श्राद्ध, जिवीत मिली.

विज्ञापन

कांस्टेबल धनंजन की पहल से गुड़िया को पति का साथ व घर मिलासात माह पूर्व लापता हुई थी गुड़िया, 40 दिनों से अस्पताल में थीबांका जिला के नवादा थाना के कोतवाली निवासी सत्यनारायण सिंह ने मृत मानकर पत्नी गुड़िया देवी श्राद्ध कर्म संपन्न किया था. वह जेएलएनएमसीएच भागलपुर में मिली है. मंगलवार को सत्यनारायण सिंह पत्नी गुड़िया देवी (25) को पुलिसकर्मी और अस्पताल कर्मियों की मौजूदगी में अस्पताल से पत्नी को घर ले गये. इस मिलन के सूत्रधार कांस्टेबल सह यूट्यूबर धनंजय कुमार रहे. दरअसल, गुड़िया देवी करीब सात माह पूर्व घर से लापता हो गयी थी. एक माह की खोजबीन के बाद परिजनों ने मृत मानकर उसका श्राद्धकर्म कर दिया. गुड़िया की गुमशुदगी व मिलन की कहानी पूरी तरह से फिल्मी है. कांस्टेबल सह यूट्यूबर धनंजय कुमार को गुड़िया देवी अगस्त माह के 12 तारीख को घायल अवस्था में मिली थी. धनंजय ने उसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया था. भर्ती के वक्त गुड़िया नाम पता नहीं बताने में असमर्थ थी. धनंजय ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था. धनंजय ने बताया कि भर्ती कराने के ठीक 39वें दिन उसे अस्पताल से फोन आया कि वह अब पूरी तरह से ठीक हो गयी है, आप इसे ले जा सकते हैं. धनंजय ने बताया कि वह परेशान थे कि महिला के परिजनों का पता कैसे लगाया जाये. संयोग से इसी समय दिल्ली में रह रहे गुड़िया के पति का फोन आया कि जिस महिला का वीडियो अपलोड किया था, वह उनकी पत्नी है. इसके बाद धनंजय ने गुड़िया के पति सत्यनारायण को भागलपुर बुलाया.

वर्ष 2008 में हुई थी गुड़िया व सत्यनारायण की शादी

भागलपुर पहुंचे सत्यनारायण ने बताया कि वर्ष 2008 में दोनों की शादी हुई थी, लेकिन कोई संतान नहीं हुई. हालांकि, घरवालों के कहने के बाद उसने दूसरी शादी कर ली है. लेकिन वह गुड़िया को ठीक से रखता था. सात माह पूर्व जब गुड़िया लापता हुई तो काफी खोजबीन की, कुछ पता नहीं चला. सभी कह रहे थे गुड़िया अब इस दुनिया में नहीं रही और विधिवत क्रिया कर्म करना उचित होगा. सत्यनारायण कहते हैं कि सामाजिक दबाव के कारण उसने गुड़िया का श्राद्ध कर दिया था. सत्यनारायण कहते हैं कि उसने पंडितों से पूछा कि क्या श्राद्ध के बाद कोई घर में रह सकता है तो पंडितों ने बताया कि बिल्कुल रह सकती है.

अस्पताल में लगी भीड़, गुड़िया को दिये गये नये कपड़े और बढ़िया खाना

गुड़िया की अस्पताल से विदाई के वक्त बड़ी संख्या में अस्पताल कर्मी मौके पर जुट गये थे. कांस्टेबल धनंजय के सौजन्य से गुड़िया को नये कपड़े दिये गये. अस्पताल कर्मियों द्वारा उसे बढ़ियां खाना खिलाया गया. अस्पताल कर्मियों ने कहा कि लंबे समय तक इलाज के दौरान उनलोगों को गुड़िया से लगाव हो गया था. दूसरी तरफ धनंजय ने सत्यनारायण से कहा कि गुड़िया फिर से गायब न हो, इसका ध्यान रखना. अब वह सिर्फ तुम्हारी पत्नी नहीं मेरी बहन भी है. मैं गुड़िया की खैरियत लेता रहूंगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
KALI KINKER MISHRA

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन