bhagalpur news. ग्रामीण क्षेत्र की कमान अब ग्रामीण एसपी के हाथ, भागलपुर में पुलिसिंग का नया मॉडल होगा लागू
Updated at : 15 Feb 2026 11:27 PM (IST)
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अब ग्रामीणों क्षेत्रों की कमान ग्रामीण एसपी के हाथ.
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– बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए गृह विभाग ने लिया निर्णय
ऋषव मिश्रा कृष्णा, भागलपुरभागलपुर में ज्यादा तीक्ष्ण और प्रभावी पुलिसिंग के लिए गृह विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों की कमान अब ग्रामीण एसपी को थमाने के पद सृजन की तैयारी पूरी कर ली गयी है. बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा इस तरह का बदलाव किया गया है. बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के कार्यक्षेत्र, अधिकार एवं कर्तव्यों का स्पष्ट निर्धारण कर दिया गया है. गृह विभाग ने भागलपुर में पुलिसिंग को शहरी और ग्रामीण हिस्सों में विभाजित कर दिया है. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कहलगांव-1 एवं कहलगांव-2 के अलावा पुलिस उपाधीक्षक विधि व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है. मालूम हो कि बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए सूबे में पुलिस पदाधिकारियों के कुल 181 नये पदों का सृजन किया गया है. सूबे में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के कुल 11 पदों का सृजन किया गया है, इसी क्रम में ग्रामीण ग्रामीण एसपी का भी पद सृजित किया गया है.इन क्षेत्रों के लिए प्रभावी होंगे ग्रामीण एसपी
कहलगांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वन का क्षेत्र कहलगांव, अंतीचक, घोघा, रसलपुर, अमडंडा, सन्हौला, सनोखर एवं एनटीपीसी थाना, कहलगांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू का क्षेत्र पीरपैंती, एकचारी, बुद्धुचक, बाखरपुर, ईशीपुर बाराहाट तथा शिवनारायणपुर थाना, इसके अलावे पुलिस उपाधीक्षक, विधि-व्यवस्था, भागलपुर के अधीन कजरैली, जगदीशपुर, सबौर एवं बायपास थाना भी ग्रामीण एसपी के कार्यक्षेत्र में शामिल किया गया है.
निर्धारित किया गया ग्रामीण एसपी के कर्तव्य और अधिकार
गृह विभाग ने ग्रामीण एसपी को प्रशासनिक एवं अनुशासनिक शक्तियां भी प्रदान की गयी हैं. अपने क्षेत्राधिकार में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक एवं उनके अधीन कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने, सिपाही एवं हवलदार के स्थानांतरण-पदस्थापन करने तथा आवश्यकतानुसार निलंबन की कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है. ग्रामीण एसपी को थानों के अपराध अभिलेख, कांड दैनिकी एवं दैनिक प्रतिवेदन के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है. सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में भाग लेना अनिवार्य किया गया है. जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा लेखा शाखा, पेंशन शाखा, सामान्य भविष्य निधि, शस्त्र अनुज्ञप्ति, डायल-112, पुलिस नियंत्रण कक्ष, महिला अपराध कोषांग, मानवाधिकार/लोकायुक्त कोषांग, सूचना का अधिकार, चुनाव कोषांग सहित कुल 26 शाखाओं का प्रभार भी पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को सौंपा जाएगा.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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